बिथान स्कूल बाढ़: समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड क्षेत्र में नदियों और जलस्रोतों के बढ़ते जलस्तर ने अब जनजीवन के साथ-साथ शैक्षणिक व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है. निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने के कारण क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण विद्यालयों के परिसर जलमग्न हो चुके हैं. उत्क्रमित मध्य विद्यालय कौराही और प्राथमिक विद्यालय नरपा में पानी प्रवेश कर जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भारी संकट मंडराने लगा है.
विद्यालय परिसरों में फैला बाढ़ का पानी
गुरुवार को जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद दोनों विद्यालयों के पूरे परिसर और संपर्क रास्तों पर पानी भर गया.
- विद्यालय परिसरों में जलजमाव होने से छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों को भी आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
- कमरों के ठीक बाहर तक पानी फैल जाने से बच्चों के फिसलने और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे को लेकर अभिभावक बेहद चिंतित हैं.
- स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार अगर जलस्तर में यूं ही बढ़ोतरी जारी रही, तो स्कूलों में पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो सकता है.
सुरक्षा को लेकर अलर्ट पर शिक्षा विभाग
विद्यालय परिसरों में पानी भरने की घटना के बाद शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है.
- प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) मनोज झा ने बताया कि दोनों विद्यालयों के परिसर में पानी जमा होने की सूचना प्राप्त हुई है.
- पूरे मामले से जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है.
- विभाग की पहली प्राथमिकता बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
- वरीय अधिकारियों से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के आधार पर विद्यालय संचालन अथवा सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया जाएगा.
समय रहते ठोस कदम उठाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि निचले इलाकों में बाढ़ का पानी लगातार नए क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले रहा है. ऐसे में बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर विभाग को समय रहते ठोस निर्णय लेना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियां भी सुरक्षित ढंग से जारी रह सकें.
ये भी पढ़ें: पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे अलाइनमेंट का विरोध: केएसआर कॉलेज और मकानों पर संकट, एनएचएआई से मिले भाजपा नेता
