Bihar/Samastipur News: ”धान मत उगाओ”… मंत्री के बेतुके बयान पर भड़के किसान, समस्तीपुर समाहरणालय पर सरकार के खिलाफ ”जंग” का एलान

बिहार के सहकारिता मंत्री द्वारा धान की खेती बंद करने की विवादित सलाह पर समस्तीपुर में आक्रोश फूट पड़ा है. बिहार राज्य किसान सभा के नेतृत्व में किसानों ने मंत्री के बयान को 'किसान विरोधी' बताते हुए समाहरणालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा.

By PREM KUMAR | January 12, 2026 11:20 PM

Bihar/Samastipur News:समस्तीपुर: बिहार के सहकारिता मंत्री का एक संवेदनहीन बयान अब सरकार के गले की फांस बनता जा रहा है. किसानों का धान खरीदने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के बजाय मंत्री द्वारा ”धान की खेती बंद करने” की सलाह दिए जाने से अन्नदाताओं में भारी आक्रोश है. इस अपमानजनक सलाह के खिलाफ आज बिहार राज्य किसान सभा ने समस्तीपुर समाहरणालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार को जमकर कोसा.

मंत्री की ”सलाह” पर तमतमाए किसान

भाकपा जिला कार्यालय से नारेबाजी करते हुए निकले किसानों का हुजूम जब समाहरणालय पहुंचा, तो नेताओं के निशाने पर सीधे सरकार के मंत्री रहे. किसान सभा के राज्य महासचिव रामचंद्र महतो और भाकपा जिला सचिव सुरेंद्र कुमार सिंह मुन्ना ने मंत्री के बयान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है.

नेताओं ने मंच से ललकारा:

“सहकारिता मंत्री किसानों को धान की खेती छोड़ने की नसीहत दे रहे हैं, जबकि उन्हें यह बताना चाहिए कि सरकार धान क्यों नहीं खरीद पा रही? यह बयान नीतीश सरकार के किसान विरोधी चेहरे को उजागर करता है. “

10 सूत्री मांग पत्र: भ्रष्टाचार और बदहाली पर घेरा

जिलाधिकारी को सौंपे गए 10 सूत्री मांग पत्र में किसानों ने केवल धान खरीद ही नहीं, बल्कि सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी हमला बोला.

धान खरीद का संकट:

किसानों ने मांग की कि निर्धारित मूल्य पर दाने-दाने की खरीद सुनिश्चित हो.

भ्रष्टाचार पर वार:

रोसड़ा सीओ के भ्रष्टाचार की खुली जांच और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए.

खाद की लूट:

खाद की कालाबाजारी बंद हो और किसानों को उचित दाम पर यूरिया-डीएपी मिले.

कर्ज और बीमा:

किसानों की कर्ज माफी और फसल बीमा को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग उठी.

प्रदर्शन में इनकी रही प्रमुख मौजूदगी

सभा की अध्यक्षता शंकर राय ने की. इस मौके पर राम जतन सिंह राकेश, रामबाबू रावत, उपेंद्र प्रसाद, लक्ष्मण पासवान, अनिल कुमार महतो, रामबाबू यादव, जगत नारायण प्रसाद, संजय कुमार और अभिषेक आनंद सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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