पूसा दीक्षारंभ कार्यक्रम: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू), पूसा में गुरुवार को 5वें दीक्षारंभ (इंडक्शन) कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ. विश्वविद्यालय परिसर स्थित आर्यभट्ट छात्रावास के समीप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस समारोह में 400 से अधिक नव-प्रवेशित स्नातक विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों और वैज्ञानिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन के साथ हुई.
कृषि केवल पेशा नहीं, बल्कि पवित्र राष्ट्र सेवा: स्वामी सर्वोत्तमानंद
मुख्य अतिथि रामकृष्ण मिशन विवेकानंद शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थान, बेलूर मठ के कुलपति स्वामी सर्वोत्तमानंद ने विद्यार्थियों को संबोधित किया:
- उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को साझा करते हुए कहा कि बौद्धिक विकास के साथ नैतिक मूल्यों और सेवा-भाव का होना अत्यंत आवश्यक है.
- कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र को अन्न उपलब्ध कराने का एक पवित्र और पावन दायित्व है.
- उन्होंने डिजिटल कृषि और शैक्षणिक नवाचारों के क्षेत्र में पूसा विश्वविद्यालय की तीव्र प्रगति की भूरि-भूरि प्रशंसा की.
राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बनी पूसा की दीक्षारंभ पहल
विशिष्ट अतिथि आईसीएआर के पूर्व उपमहानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. आरसी अग्रवाल ने बताया कि कुलपति डॉ. पीएस पाण्डेय द्वारा 2022 में शुरू की गई इस पहल को 2023 से देशभर के सभी कृषि विश्वविद्यालयों में अनिवार्य किया गया है. यह कार्यक्रम नवागंतुक विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक अनुकूलन में मील का पत्थर साबित हो रहा है.
अनुशासन और समर्पण से बनती हैं महान संस्थाएं: कुलपति डॉ. पाण्डेय
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. पुण्यव्रत सुविमलेंदु पाण्डेय ने छात्रों से चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा का आह्वान किया. कुलसचिव डॉ. पी. के. प्रणव ने नियमों के पालन और छात्र कल्याण निदेशक डॉ. रमन त्रिवेदी ने समग्र विकास के लिए अनुकूल माहौल देने की बात कही. स्वागत भाषण डॉ. सतीश कुमार सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कुमारी अंजनी ने दिया. मौके पर डॉ. मयंक राय, डॉ. रामदत्त, डॉ. पीपी श्रीवास्तव, डॉ. राकेश मणि शर्मा समेत कई वैज्ञानिक मौजूद रहे.
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