Samastipur News:ठंड के कारण सर्दी जुकाम, बुखार व पेट खराब के लोग हो रहे शिकार

जिले में जारी शीत लहर के प्रकोप से लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं. ठंड के कारण लोग सर्दी जुकाम, बुखार व पेट खराब के शिकार रहे हैं.

Samastipur News:समस्तीपुर : जिले में जारी शीत लहर के प्रकोप से लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं. ठंड के कारण लोग सर्दी जुकाम, बुखार व पेट खराब के शिकार रहे हैं. वहीं हार्ट अटैक व ब्रेन हेमरेज के भी लोग शिकार हो रहे हैं. अस्पताल में 60 से 70 प्रतिशत मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार व पेट खराब के पहुंच रहे. विदित हो कि इन दिनों सदर अस्पताल के ओपीडी में आने वालों मरीज की संख्या में कमी आयी है. मौसम ठीक रहने पर जहां एक हजार से अधिक मरीज हर दिन पहुंच रहे थे. वहीं भीषण ठंड के कारण छह से सात सौ मरीज ही हर दिन ओपीडी में पहुंच हैं. जिसमें ठंड के असर में मरीज ही तकरीबन 70 प्रतिशत होते हैं. न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है. अधिकतम तापमान में भी उतार चढ़ाव चल रहा है. यह भी 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. सुबह में घना कोहरा छा रहा है. ठंड का सबसे अधिक शिकार सुगर, बीपी सहित अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित लोग, छोटे बच्चे तथा बूढ़े लोग हो रहे है. इधर अस्पताल में 60 से 70 प्रतिशत मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार व पेट खराब के पहुंच रहे हैं. अस्थमा के मरीजों की भी परेशानी बढ़ गयी है. वहीं ह्रदय रोगियों की भी परेशानी बढ़ गयी है. खासकर बाइक सवार लोग इसके अधिक शिकार हो रहे हैं. वहीं टेंपाे व ई-रिक्शा जैसी खुले वाहनों से सफर करने वाले भी सर्दी, जुकाम व बुखार के शिकार हो रहे हैं. सदर अस्पताल के साथ-साथ अन्य सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में भी ठंड के असर वाले मरीज अधिक पहुंच रहे हैं.इसके अलावा लोगों को बदन दर्द, जोड़ों का दर्द के साथ-साथ सांस फूलने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. चिकित्सक बताते हैं कि अधिक ठंड के कारण लोगों के शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी प्रभाव पड़ता है. इम्यूनाइजेशन पावर कमजोर पड़ जाता है, इस कारण भी लोग बीमार होते हैं. वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. वहीं एलर्जी के कारण भी कुछ लोगों को परेशानी होती है. चिकित्सक बताते हैं कि ऐसे माैसम वायरस और बैक्टेरिया को तेजी से पनपने में मददगार होते हैं. लोगों की तनिक भी लापरवाही उन्हें बीमार बना सकती है.चिकित्सक ने बताया बचने का उपाय सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि ठंड के कारण लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं. सदर अस्पताल में 60 से 70 प्रतिशत मरीज सर्दी, जुकाम, पेट खराब तथा बुखार के आ रहे हैं. अधिक ठंड के लोगों के शरीर का रोग प्रतिरोधी क्षमता कम हो जाती है. इस कारण लोग बीमार होते हैं. उन्होंने कहा कि मौसम को देखते हुये लोग गर्म कपड़े पहने, सुबह-शाम की ठंड से बचे, गर्म पानी का उपयोग करें. खाना भी गर्म की खायें. ठंडी चीजें खाने से बचे. ह्रदय रोग से ग्रसित, सुगर व बीपी के मरीजों को विशेष सावधानी होगी. हर्टअटैक के रोगी चिकनाई युक्त भोजन, नमक की अधिक मात्रा से बचे. वे शराब, बीड़ी, सिगरेट तथा तंबाकू के सेवन से पहेज करें. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. बच्चों के शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम होती है. इस कारण वे जल्द बीमार पड़ जाते हैं. बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलायें. उन्हें फल व पत्तिदार सब्जियां खिलायें. गर्म कपड़े पहनाकर रखें. तैलीय व मसालेदार भोजन नहीं दें, कारण कि उनकी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है. आपदा प्रबंधन विभाग ने जारी किया गाइडलाइन जिले में ठंड का कहर लगातार जारी है. शुक्रवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया. न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. वहीं अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा. धूप नहीं निकली. आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि शीतलहर की स्थिति में सबसे अधिक गरीब, नि:सहाय तथा आवासहीन लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं. शीत लहर से होने वाली बीमारियों को रोकने की दिशा कारगर कदम उठाने को कहा है. पर्याप्त स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है. शीतलहर व पाला का असर कृषि पर अत्यधिक पड़ता है. इससे फसल को क्षति पहुंचती है. शीतलहर व पाले से होने वाली फसल क्षति से बचाव के लिये समुचित व्यवस्था करने की आवश्यकता है. इसके साथ ही पशुधन को भी क्षति पहुंचती है.पशुओं की सुरक्षा की दिशा में आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है. निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि वातावरण गर्म रहे और चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में मदद मिले. घने कोहरे को देखते हुये यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है. शहरी क्षेत्र में रिक्शा चालकों, दैनिक मजदूरों, असहायों, आवास विहीनों व गरीब नि:सहाय लोगों के लिये रैन बसरों की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है. जहां रैन बसेरा नहीं है, वहां अस्थायी शरण स्थली बनाने के लिये कहा गया है. अस्थायी शरण स्थली में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखने को कहा गया है. आवासहीन गरीबों, रिक्शा चालकों, दैनिक मजदूरों, नि:सहाय व्यक्तियों के बीच कंबल वितरण कराने तथा अलाव की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है. इसके आलोक में रोसड़ा अंचल अंतर्गत नगर परिषद के पीछे, दलसिंहसराय अंचल अंतर्गत घाट नवादा वार्ड संख्या-01 एवं समस्तीपुर अंचल अंतर्गत बस स्टैंड के पास बेघरों के लिये रैन बसेरों का प्रबंध किया गया है.जहां कंबल व विस्तर आदि उपलब्ध हैं.

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