Rosera School Inspection: रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत राजकीय मध्य विद्यालय महुली में उस समय रोचक नजारा देखने को मिला, जब जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) प्रेम शंकर झा अचानक निरीक्षण करने पहुंचे. निरीक्षण के दौरान अधिकारी ने न केवल मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता परखी, बल्कि खुद शिक्षक की भूमिका में आकर बच्चों को क्लास में पढ़ाया और उनका ज्ञान भी परखा.
क्लास में बच्चों से पूछे सवाल और खुद पढ़ाया पाठ
डीपीओ प्रेम शंकर झा ने विद्यालय के विभिन्न वर्गकक्षों का गहन मुआयना किया. इस दौरान उन्होंने शिक्षण व्यवस्था और छात्रों के ज्ञान के स्तर को बारीकी से जांचा:
- शैक्षणिक स्तर का आकलन: डीपीओ ने कक्षाओं में पहुंचकर छात्रों से हाल ही में पढ़ाए गए पाठों से जुड़े सवाल पूछे और उनकी विषयगत पकड़ को परखा.
- कक्षा सात में बने शिक्षक: उन्होंने कक्षा सात के छात्रों को स्वयं हिंदी और गणित विषय पढ़ाया और ब्लैकबोर्ड के माध्यम से कठिन सूत्रों को सरल अंदाज में समझाया.
- शिक्षकों की कार्यशैली की जांच: विद्यालय के शिक्षकों द्वारा कराए जा रहे अध्यापन कार्य और दैनिक पाठ योजना की भी जांच की गई.
साफ-सफाई और अनुशासन की सराहना
निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की स्वच्छता, बच्चों के अनुशासन, सुव्यवस्थित मध्याह्न भोजन और बेहतर शैक्षणिक माहौल को देखकर डीपीओ संतुष्ट नजर आए. उन्होंने प्रभारी प्रधानाध्यापक कुमार रजनीश के नेतृत्व और विद्यालय प्रबंधन की सराहना की.
गुणवत्ता सुधार के लिए दिए अहम टिप्स
डीपीओ ने प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को शैक्षणिक गुणवत्ता को निरंतर ऊंचा बनाए रखने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार के लिए नियमित निगरानी और साप्ताहिक मूल्यांकन अत्यंत जरूरी है. निरीक्षण के समय विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं और शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे.
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