समस्तीपुर : जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा व जिला मत्स्य पदाधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से रोसड़ा अंचल के फुलबाबू सहनी की मत्स्य बीज हैचरी का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने गंगा मत्स्य बीज हैचरी के संचालक श्री सहनी से मत्स्य बीज उत्पादन एवं आपूर्ति से संबंधित पूछताछ की. श्री सहनी के द्वारा बतलाया गया कि उनके द्वारा रोहु, कतला, नैनी, मृगल आदि मछलियों के बीज का उत्पादन कृत्रिम प्रजनन द्वारा किया जाता है. जिला एवं निकटवर्ती जिलों में स्पॉन, फाई एवं मत्स्य अंगुलिकाओं की आपूर्ति की जाती है. उनके द्वारा मत्स्य बीज उत्पादन से वार्षिक 18.00 लाख रुपये तक की कमाई की जा रही है. 12 युवाओं को रोजगार भी दिया जा रहा है. जिलाधिकारी ने श्री सहनी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए अधिक से अधिक युवाओं को मत्स्य व्यवसाय से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने का निदेश दिया. लाभुक श्री सहनी द्वारा बतलाया गया की मत्स्य बीज हैचरी एवं तालाब निर्माण में मत्स्य विभाग द्वारा अब तक लगभग 10 लाख रुपये अनुदान के रूप में आर्थिक मदद देकर प्रोत्साहित किया गया. जिलाधिकारी द्वारा शिवाजीनगर अंचल में क्रियान्वित सात निश्चय पार्ट-02 के तहत मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना का निरीक्षण किया गया. जिला मत्स्य पदाधिकारी द्वारा बतलाया गया कि समूह में यहां पर तीन लाभुकों द्वारा लगभग 15 एकड़ में बेकार पड़े चौर की भूमि को विकसित कराते हुए मत्स्य पालन का कार्य किया जा रहा है. मत्स्य कृषक संजय सहनी, श्याम बाबू यादव तथा अशर्फी सहनी ने बतलाया कि लीज पर जमीन लेकर तालाब का निर्माण करवाया गया है, जिसमें जिला मत्स्य कार्यालय से लगभग 15.00 लाख रुपये अनुदान के रूप में प्राप्त हुआ एवं 06 युवाओं को रोजगार भी दिया जा रहा है. मत्स्य पालन से वार्षिक आय लगभग 15.00 लाख रुपये प्राप्त किया जा रहा है. जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित सभी लाभुकों को अधिक से अधिक युवाओं को मत्स्य पालन के लिए प्रोत्साहित करने एवं चौर का और अधिक विस्तार करने का निर्देश दिया गया.
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