समस्तीपुर: शहर के डीएवी पब्लिक स्कूल में वार्षिक सांस्कृतिक समारोह ””””””””सुर-संगम”””””””” का आयोजन किया गया. इसका विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर जिला एवं सत्र न्यायाधीश समीर कुमार ने किया. उन्होंने शिक्षकों,अभिभावकों व विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ स्कूल में संस्कार भी मिलना स्कूल की अहम भूमिका रहती है. बच्चों को मिली बेहतर शिक्षा और संस्कार को लेकर शिक्षकों को सराहा. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से इस क्षेत्र में कई बच्चे लगातार शिक्षा के क्षेत्र में जिले के साथ-साथ राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं. कहीं ना कहीं इनका श्रेय इन स्कूलों को भी जाता है. आईआरएस गणनाथ झा ने कहा कि संस्कारों की शिक्षा देना समाज के लिए सबसे बड़ी देन है. हर छात्र को इसका पालन करना चाहिए. मैनेजर डीएवी एलएमसी हरि किशोर सिंह व एआरओ डीएवी स्कूल्स बिहार जोन- एच रामाशीष रॉय ने कहा कि आज के समय में बच्चों का बचपन तकनीक और पढ़ाई के दबाव के कारण प्रभावित हो रहा है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने अधूरे सपनों का बोझ बच्चों पर न डालें और उन्हें खेल और रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करें. प्राचार्य नीरज कुमार सिंह ने कहा कि इस वार्षिकोत्सव का मुख्य उद्देश्य परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने एवं अन्य शिक्षणेत्तर गतिविधियों जैसे खेल कूद, कला, संगीत, नृत्य, आदि में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को विशेष रूप से प्रोत्साहित करना है.
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के साथ डीएवी पब्लिक स्कूल का दो दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आगाज
हमें अपने छात्रों पर गर्व है. ये अपनी प्रतिभा एवं मेहनत से हमें सदा गौरवान्वित करते रहते हैं तथा विद्यालय का नाम रौशन करते हैं. वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत पहले दिन नर्सरी से चौथी कक्षाओं तक के बच्चों ने रंगारंग नृत्य-संगीत भरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों से खूब छटा बिखेरी. बच्चों की एक से बढ़ कर एक प्रतिभा प्रदर्शन की उन्होंने भूरि-भूरि प्रशंसा की व साथ ही उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वचन दिया. मौके पर डीएस सदर अस्पताल डॉ गिरीश कुमार, डॉ एएस आलम, डॉ विजय कुमार, सीओ वारिसनगर धर्मेन्द्र पंडित सहित दर्जनों अभिभावक, विद्यार्थी व शिक्षकगण मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
