समस्तीपुर: सहयोग शिविर में पुराने आवेदनों का नहीं हुआ निपटारा, ग्रामीणों ने जताया आक्रोश

समस्तीपुर के मोरवा प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. पिछले शिविर के 105 आवेदनों में से केवल 5 का ही निपटारा होने से लोग नाराज हैं. ग्रामीणों ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोबारा शिविर लगाने की औचित्य पर प्रश्नचिन्ह लगाया.

समस्तीपुर: मोरवा प्रखंड क्षेत्र की चकपहाड़ पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में पिछले शिविर के अधिकांश आवेदनों का अब तक निपटारा नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जतायी. मुखिया के अनुसार, 19 मई को आयोजित पिछले सहयोग शिविर में 105 आवेदन मिले थे, जिनमें से सिर्फ पांच का ही निपटारा किया गया. ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब पुराने आवेदनों का समाधान नहीं हुआ तो दोबारा शिविर लगाने का क्या औचित्य है.

105 आवेदनों में सिर्फ पांच का निपटारा

पंचायत सरकार भवन परिसर में आयोजित शिविर में बीडीओ अरुण कुमार निराला, सीओ आलोक रंजन, बीईओ संजय कुमार, चिकित्सा प्रभारी डॉ. हरिशंकर, पीओ रणजीत कुमार, बीपीआरओ संजीव कुमार, बीपीएम गोपी कृष्ण, सीडीपीओ श्वेता कुमारी, समन्वयक संजीव झा समेत कई अधिकारी मौजूद थे.

लोग शिविर में पहुंचने लगे तो अपनी पुरानी समस्याओं को लेकर शिकायतें भी सामने रखने लगे. मुखिया निक्की गिरी ने बताया कि 19 मई को आयोजित सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने 105 आवेदन दिये थे. इनमें से मात्र पांच आवेदनों का निपटारा हुआ है, जबकि शेष आवेदन अब भी लंबित हैं.

राशन कार्ड से लेकर सड़क और स्ट्रीट लाइट तक की शिकायत

करीब 15 हजार की आबादी वाली पंचायत में महज दो घंटे के शिविर में लोगों की समस्याओं की सुनवाई और समाधान को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाये. ग्रामीणों का कहना था कि शिविर के आयोजन को लेकर पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी नहीं किया गया, जिससे अधिक लोगों को इसकी जानकारी मिल सके.

शिविर में राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, दाखिल-खारिज, बासगीत पर्चा, टूटी सड़क और बंद स्ट्रीट लाइट समेत कई समस्याओं को लेकर लोगों ने नाराजगी जतायी.

व्यवस्था को लेकर मुखिया ने भी उठाये सवाल

मुखिया निक्की गिरी ने बताया कि सहयोग शिविर के लिए किसी तरह का सरकारी आवंटन नहीं मिलता है. पंचायत को अपने स्तर से व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां तक उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के लिए व्यवस्था करना मुश्किल होता है.

ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश के बीच शिविर में मौजूद अधिकारी और कर्मी धीरे-धीरे वहां से निकलने लगे. इससे लोगों की नाराजगी और बढ़ गयी.

मौके पर मुखिया प्रतिनिधि पिन्टू गिरी, रविंद्र कुमार उर्फ राकेश, पन्नालाल यादव, अरविंद राय समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे.

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By Manoj kumar verma

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