ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अलाइनमेंट: पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के प्रस्तावित अलाइनमेंट को लेकर समस्तीपुर क्षेत्र में जन-आक्रोश और विरोध के सुर तेज हो गए हैं. वर्तमान रूट के अनुसार निर्माण होने पर ऐतिहासिक केएसआर कॉलेज के भवन, खेल मैदान तथा सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों के आशियाने टूटने का खतरा मंडरा रहा है. जनहित के इस संवेदनशील मामले को लेकर भाजपा नेता रंजीत निर्गुणी ने नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सदस्य अनिल चौधरी से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया.
रूट बदलने से बच सकते हैं कॉलेज और मकान
मुलाकात के दौरान भाजपा नेता ने एनएचएआई अधिकारी के समक्ष ग्रामीणों और शिक्षण संस्थान की चिंताओं को प्रमुखता से रखा.
- वर्तमान अलाइनमेंट से कॉलेज की ऐतिहासिक इमारत, खेल मैदान और घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र प्रभावित होंगे.
- सुझाव दिया गया कि एक्सप्रेस-वे का मार्ग थोड़ा बदलकर आबादी की जगह एकफसली खेतों या चौर क्षेत्र से निकाला जाए.
- रूट डायवर्जन से जहां सैकड़ों परिवारों के घर टूटने से बचेंगे, वहीं कॉलेज की ऐतिहासिक धरोहर भी सुरक्षित रहेगी.
- मार्ग में मामूली तकनीकी फेरबदल से स्थानीय लोगों का विस्थापन रुकेगा और विरोध भी शांत होगा.
एनएचएआई सदस्य ने दिया समीक्षा का आश्वासन
एनएचएआई के सदस्य अनिल चौधरी ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना. उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों के हितों को अनदेखा नहीं किया जाएगा. परियोजना के इस हिस्से की विभागीय स्तर पर तकनीकी समीक्षा कराई जाएगी, ताकि व्यावहारिक समाधान निकल सके.
मंत्रालय से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
भाजपा नेता रंजीत निर्गुणी ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संज्ञान में पूरा विषय डाल दिया गया है. उन्हें पूरा भरोसा है कि जनभावनाओं और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मंत्रालय एक्सप्रेस-वे के अलाइनमेंट पर जल्द ही सकारात्मक व जनहितैषी निर्णय लेगा.
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