Bank Loot Case: 5 करोड़ की बैंक लूट मामले में जांच के लिए समस्तीपुर पहुंचे CID के DIG, स्टाफ से की पूछताछ

Bank Loot Case: समस्तीपुर में हुए बैंक लूट मामले की जांच करने सीआईडी के डीआईजी खुद समस्तीपुर पहुंचे. उन्होंने बैंक के स्टाफ से पूछताछ की. मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. वहीं, अब तक किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. पढ़ें पूरी खबर…

Bank Loot Case: बिहार के समस्तीपुर में बुधवार की सुबह बैंक ऑफ महाराष्ट्रा के ब्रांच में 5 करोड़ की लूट हुई थी. बदमाश 15 लाख कैश भी लूटकर फरार हो गए थे. 9 की संख्या में हथियार से लैश अपराधी ग्राहक की वेश भूषा में बैंक के अंदर घुसे थे. घटना के दो दिन बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. हालांकि, अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस और STF लगातार छापेमारी कर रही है. इसी बीच गुरुवार को सीआईडी के डीआईजी जयंत कांत बैंक पहुंचे. बैंक स्टाफ से उन्होंने पूछताछ की. इस दौरान उनके साथ एसपी एशोक अशोक मिश्रा और एएसपी संजय पांडे भी मौजूद थे. दोनों अधिकारियों को सीआईडी के डीआईजी जयंत कांत ने जरूरी दिशा-निर्देश दिया.

3 संदिग्ध लिए गए हिरासत में

एसपी अशोक मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. प्रदेश एसटीएफ की टीम भी लगातार छापेमारी कर रही है. मुजफ्फरपुर के अलावा वैशाली और पटना के कुछ इलाकों में छापेमारी हुई है. साथ ही 3 संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है. एसपी ने बताया कि पुलिस गिरोह तक पहुंच चुकी है. जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा. पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोना लूटकांड में पटना और समस्तीपुर जेल में बंद मास्टरमाइंड से भी पूछताछ की गई है. कई अहम सुराग मिले हैं. इसके आधार पर पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.

अपराधियों ने गोली भी चलाई

समस्तीपुर में बैंक लूट के दौरान एक अपराधी ने बैंक के अंदर फायरिंग भी की थी, लेकिन सौभाग्य से कोई घायल नहीं हुआ. लूटपाट के बाद अपराधी बैंक का सीसीटीवी डीवीआर, कर्मचारियों और ग्राहकों के मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए. भागने से पहले उन्होंने सभी को बाथरूम और अन्य कमरों में बंद कर दिया.

दो सप्ताह पहले से अपराधी कर रहे थे रेकी

सूत्रों के अनुसार, इस लूट की योजना काफी सुनियोजित तरीके से बनाई गई थी. अपराधियों ने करीब दो सप्ताह तक बैंक की रेकी की थी और बैंक के इंटीरियर की गहराई से जानकारी हासिल कर ली थी. बताया जा रहा है कि अपराधियों को बैंक के भीतर लॉकर और गोल्ड लोन डिपॉजिट वाले स्थानों की सटीक जानकारी थी, जिससे स्पष्ट होता है कि यह लूट किसी लोकल लाइनर की मिलीभगत से अंजाम दी गई है.

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By Aniket kumar

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