Dogs terrorize in cold wave:सरकारी आदेश को ठेंगा: स्कूल-कोचिंग बंद होने के बाद भी पढ़ने जा रहा मासूम आवारा कुत्तों का शिकार, हालत गंभीर

समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड में स्कूल-कोचिंग बंदी के आदेश की अनदेखी एक मासूम पर भारी पड़ गई. ठंड के कारण छुट्टी के बावजूद पढ़ने जा रहा 9 वर्षीय हिमांशु आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से जख्मी हो गया. लहूलुहान छात्र को सदर अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि प्रशासन दोषी संस्थान पर कार्रवाई की तैयारी में है.

Dogs terrorize in cold wave:विभूतिपुर (समस्तीपुर). बिहार के समस्तीपुर जिले में आवारा कुत्तों का आतंक और प्रशासनिक लापरवाही ने एक मासूम की जान जोखिम में डाल दी है. विभूतिपुर प्रखंड में जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद, जब स्कूल और कोचिंग संस्थान दोनों बंद थे, तब एक मासूम छात्र पढ़ाई के लिए घर से निकला और आवारा कुत्तों का शिकार बन गया. छात्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है.

रास्ते में तीन कुत्तों ने किया लहूलुहान

बेलसंडी तारा पंचायत (वार्ड 8) निवासी मुकेश शर्मा का 9 वर्षीय पुत्र हिमांशु राज सुबह-सुबह सिवान चौक स्थित एक शिक्षण संस्थान में पढ़ने जा रहा था. प्रथम वर्ग के छात्र हिमांशु को रास्ते में तीन आवारा कुत्तों ने चारों तरफ से घेर लिया और उसके शरीर को बुरी तरह काटकर लहूलुहान कर दिया. स्थानीय ग्रामीणों ने मासूम की चीख-पुकार सुनकर मौके पर दौड़ लगाई और कुत्तों को खदेड़कर उसकी जान बचाई.

प्रशासनिक आदेश की अनदेखी ने दिया हादसे को न्योता

भीषण ठंड और शीतलहर के कारण जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने 10 जनवरी से 13 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी स्कूलों और निजी कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का सख्त निर्देश दिया था. इसके बावजूद कई निजी संस्थान चोरी-छिपे संचालित हो रहे हैं या छात्रों को बुला रहे हैं. चर्चा है कि अगर आदेश का पूरी तरह पालन होता और कोचिंग बंद रहती, तो यह हादसा टाला जा सकता था.

क्षेत्र में दहशत: हर दिन पहुँच रहे दर्जनों पीड़ित

विभूतिपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के आंकड़े डराने वाले हैं. अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, यहाँ प्रतिदिन औसतन 30 से 35 लोग कुत्तों के काटने के बाद रेबीज का टीका लगवाने पहुँच रहे हैं.

जाँच और कार्रवाई:

बीईओ (BEO) मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है. विभाग इस बात की जाँच कर रहा है कि बंदी के आदेश के बावजूद संस्थान क्यों संचालित था. दोषी पाए जाने वाले संचालकों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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Author: PREM KUMAR

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