पहल.अनुसंधान में विदेशों का सहयोगात्मक रवैया
पूसा : डाॅ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के नवीनतम अनुसंधान व तकनीकी का अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम ने गहन अवलोकन किया. इसमें इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट वाशिंगटन डीसी के वैज्ञानिकों की टीम केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे नवीनतम शोध कार्यों से अवगत हुई. साथ ही छाया चित्र के माध्यम से खासकर दलहन फसलों एवं सिंचाई से संबंधित लघु योजनाओं के बारे विस्तार से रिकॉर्डिंग की गयी. इफरी के वैज्ञानिकों के टीम का नेतृत्व करते हुए कुलपति डाॅ रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने दियारा व ढाब क्षेत्र के किसानों के लिए नवीनतम तकनीक से बनायी गयी लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत नाव चालित सौर ऊर्जा पंपसेट के बारे में विस्तार से
वैज्ञानिकों को जानकारी दी. कुलपति डॉ श्रीवास्तव ने विशेषज्ञों के दल को सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली से अवगत कराते हुए कहा कि इस प्रणाली के उपयोग से दियारा क्षेत्र के उत्पादकता को कई गुना तक बढ़ाया जा सकता है. वहीं इसके सिंचाई लागत को आर्थिक रूप से तुलनात्मक अध्ययन किया जाये, तो यह पद्धति बहुत ही सस्ता सिंचाई प्रणाली है. इसके साथ ही वैज्ञानिकों के दल को दलहनी फसलों पर चल रहे शोध कार्य से अवगत होने के लिए तिरहुत कृषि महाविद्यालय ढोली भेजा गया. विदेशी वैज्ञानिकों के टीम में जेम्ड फालिक, मेलिस्सा कोपरमैंन एवं वैशाली दस्सानी ने केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे अन्य शोध कार्यों का भी अवलोकन कर इसे कैमरे में कैद किया. वैज्ञानिक सह मुख्य सूचना पदाधिकारी डाॅ दिव्यांशु शेखर ने इफरी के वैज्ञानिकों से बात करने के बाद बताया कि आइएफपीआरआइ एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो दुनियाभर में कृषि से जुड़े अनुसंधानों के प्रयोगों का अध्ययन करती है. साथ ही राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान व नीति निर्धारण में सहयोग करती है. मुख्य रूप से विदेशी वैज्ञानिकों के अनुसार इस छाया चित्र के माध्यम से तकनीक के उपयोगिता को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित प्रसारित करने की योजना है. विशेषज्ञों ने कुलपति के इस सिंचाई प्रणाली को काफी सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अनुसंधानिक कार्य से केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक अपनी पहचान मिलेगी. इस अवसर पर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ केएम सिंह के अलावे इस सिंचाई प्रणाली के सफलतम इ एसके जैन, डाॅ प्रमोद कुमार, डाॅ गौर सहित टीसीए ढोली से दलहनी वैज्ञानिक डाॅ देवेंद्र सिंह, डाॅ केके सिन्हा, डाॅ आइबी पांडेय आदि वैज्ञानिकों ने विदेशी वैज्ञानिक को अरहर के नवीनतम प्रभेद् राजेंद्र एक के बारे में विस्तार से बताया.
खेतिहार यूनियन का आठवां सम्मेलन : बिथान . बिहार प्रांतीय खेतिहार मजदूर यूनियन बिथान अंचल का आठवां सम्मेलन शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय सुखासन में आयोजित की गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता रामदुलार महतो ने की. खेमयू जिला मंत्री रामाश्रय महतो एवं माकपा जिला मंत्री रामदयाल भारती ने संगठन की मजबूती पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. मौके पर हरेंद्र सिंह, तारणी सिंह, कमल नारायण यादव थे.
