समस्तीपुर : मैट्रिक प्रश्नपत्र लीक मामले में नगर पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिया है. पुलिस ने सोमवार को शहर के काशीपुर इलाकों में कई जगहों पर छापेमारी भी की. हालांकि, पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली. पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा ले रही है. इसके तहत जिले के चार सौ से अधिक मोबाइल नंबर पुलिस की रडार पर है.
पुलिस के रडार पर चार सौ मोबाइल नंबर
समस्तीपुर : मैट्रिक प्रश्नपत्र लीक मामले में नगर पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिया है. पुलिस ने सोमवार को शहर के काशीपुर इलाकों में कई जगहों पर छापेमारी भी की. हालांकि, पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली. पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा ले रही है. […]

चर्चाओं की मानें, तो इस मामले में जेल गये हेडमास्टर कौशल कुमार के द्वारा अर्जित संपत्ति की जांच आर्थिक आर्थिक अपराध अनुसंधान की टीम को दी जा सकती है. इसी के तहत अगले दो दिनों में आर्थिक अपराध विभाग की टीम समस्तीपुर आ सकती है. दूसरी ओर पुलिस सूत्रों का बताना है कि मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनके पास प्रश्न पत्र कैसे आया या इसके तार कही और से जुड़े हैं. वैसे पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच के घेरे में कई अधिकारियों के भी मोबाइल नंबर है. वैसे जो भी हो इतना तो तय है कि प्रश्न पत्र लीक की आग अपनी चपेट में कई अधिकारियों को भी ले सकती है.
नगर पुलिस ने दर्ज की है चार लोगों पर एफआइआर : पेपर लीक कांड में डीएम द्वारा गठित जांच कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर पुलिस ने रविवार को इस मामले में समस्तीपुर प्रखंड के बीडीओ डॉ भुवनेश्वरर मिश्र के बयान पर चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी. इसमें से सोनू कुमार सिंह व हेडमास्टर कौशल कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
पेपर लीक कांड
आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
एचएम कौशल कुमार की संपत्ति हो सकती है जब्त
आर्थिक अपराध ब्यूरो की टीम के पास जा सकता है मामला
आरोपितों की संपत्ति की आर्थिक अपराध ब्यूरो कर सकती है जांच
पुलिस महकमा में हो रही चर्चा पर भरोसा करें तो पेपर लीक कांड में आरोपित किये लोगों के संपत्ति की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान विभाग की टीम को दिया जा सकता है. चर्चा है कि उक्त विभाग की टीम बहुत जल्द समस्तीपुर आने वाली है. जांच के दौरान अगर यह साबित हुआ कि उक्त लोगों ने आय से अधिक संपत्ति गलत तरीके से अर्जित की है, तो उनकी संपत्ति जब्त की जा सकती है.