कार्रवाई. मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन ही ह्वाट्सएप पर हुआ था वायरल
समस्तीपुर : मैट्रिक परीक्षा के अंगरेजी व सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र ह्वाट्सएप पर लीक होने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें मध्य विद्यालय जितवारपुर के प्रधानाचार्य कौशल कुमार व जमादार का बेटा सोनू सिंह शामिल हैं. मामले में चार को आरोपित बनाया गया है. बाकी दो लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. प्राथमिकी बीडीओ के बयान पर दर्ज की गयी है.
मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन अंग्रेजी व दूसरे दिन सामाजिक विज्ञान विषय का प्रश्न पत्र ह्वाट्सएप पर वायरल हुआ था. बोर्ड के अध्यक्ष के निर्देश पर डीएम प्रणव कुमार ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की थी. टीम ने जब जांच शुरू की,
तो प्रश्नपत्र लीक होने की परत-दर-परत जानकारी मिलती गयी. इसी के आधार पर जांच टीम कौशल कुमार व सोनू सिंह तक पहुंची. इसके अलावा अन्य दो लोगों का भी पता चला. टीम उस व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है, जिसके मोबाइल से प्रश्नपत्र को वायरल किया गया था.
प्राथमिकी में बीडीओ डॉ भुवनेश मिश्र ने लिखा कि प्रश्नपत्र ह्वाट्सएप पर लीक हुआ था. जांच में पाया गया कि एक मार्च को अंग्रेजी का प्रश्नपत्र मोबाइल नंबर 9570711773 व 9973257908 से आया था. अभी इन नंबरों की जांच ही चल रही थी, इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि शहर के डीइओ कार्यालय में अगले दिन होनेवाली परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक की योजना बन रही है. सूचना पर डीइओ कार्यालय
में छापेमारी की गयी, तो कौशल कुमार मिले, जो जितवारपुर मिडिल स्कूल के एचएम हैं. ये डीइओ कार्यालय में विभागीय गोपनीय
कार्य भी देखते हैं. पुलिस ने उसके मोबाइल 8935894117 की जांच की, तो पाया कि कौशल के मोबाइल पर सामाजिक विज्ञान का प्रश्नपत्र प्रथम पाली
परचा लीक में
का 9973257908 से 9.45 बजे आया है. इसके बाद फिर दूसरी पाली का प्रश्न पत्र उसी नंबर से 13.27 बजे आया.
जांच के दौरान पता चला कि प्रधानाचार्य के नंबर पर से कई जगह पर प्रश्नपत्र भेजा गया. इसके बाद वायरल हो गया. प्रधानाचार्य व सोनू सिंह पर रुपये कमाने की नीयत से प्रश्नपत्र वायरल करने का आरोप है. यही आरोप अन्य दो लोगों पर भी हैं, जिन्हें अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पायी.
जुड़ती गयी कड़ी से कड़ी. जांच टीम ने जब काम शुरू किया था, तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि प्रश्न पत्र किस मोबाइल से लीक किया गया है, उसकी जानकारी जुटाना. टीम ने जांच शुरू की, तो एक से दूसरी कड़ी जुड़ती चली गयी और टीम मामले की तह तक पहुंच गयी.
पकड़े गये लोगों में एक प्रधानाचार्य व दूसरा जमादार का बेटा
चार को बनाया गया है आरोपित, दो अन्य की तलाश जारी
कौशल कुमार देखते थे डीइओ ऑफिस का गोपनीय काम
बीडीओ के बयान पर नगर थाने में दर्ज की गयी प्राथमिकी
डीएम ने एसडीओ के नेतृत्व में बनायी थी जांच कमेटी
गिरफ्तारी के बाद दोनों से पुलिस कर रही है पूछताछ
चार सौ पेज की जांच रिपोर्ट
जांच टीम ने परचा लीक मामले में चार सौ पेज की रिपोर्ट तैयार की है. इसमें विभिन्न मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और उनसे विभिन्न नंबरों को भेजे गये एसएमएस व ह्वाट्सएप मैसेज भी शामिल हैं. साथ ही किस तरह से प्रश्न पत्र को एक से दूसरी जगह पर भेजा गया है. उसकी पूरी जानकारी भी रिपोर्ट में जुटायी गयी है. जांच टीम ने इसी के आधार पर चार लोगों को चिह्नित किया है, जिन पर प्राथमिकी की गयी है.
और लोगों का आ सकता है नाम
प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच में अभी और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं, क्योंकि प्रश्न पत्र सैकड़ों फोन पर भेजा गया है. मीडिया से जुड़े लोगों के मोबाइल पर भी प्रश्नपत्र आये थे. मामले को लेकर रविवार की शाम प्राथमिकी दर्ज होते ही पूरे शहर में चर्चा होने लगी. साथ ही जो नाम इस मामले में सामने आये हैं, उनको लेकर भी लोग आपस में बात कर रहे हैं.
एसडीओ व डीएसपी ने की जांच
डीएम प्रणव कुमार ने सदर एसडीओ देवेंद्र प्रज्ज्वल व डीएसपी मो तनवीर के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था. टीम ने कई मीडियाकर्मियों से भी इस संबंध में पूछताछ की थी. इसके बाद टीम ने डीइओ कार्यालय में छापेमारी कर वहां कार्यरत कर्मी कौशल कुमार के मोबाइल को जब्त किया था.
