मक्का उत्पादन पर आयोिजत सेिमनार में बोले राज्यपाल
पूसा (समस्तीपुर) : राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहा कि बिहार एक ऐसा राज्य है, जिसकी अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है. कृषि के विकास के लिए राज्य सरकार ने कृषि रोड मैप बना कर काम किया. फिर से कृषि रोड मैप बनाने की तैयारी चल रही है. केंद्र सरकार कृषि के विकास पर फोकस पर कर रही है.
पूर्वी राज्यों में दूसरी हरित क्रांति लाने का Â बाकी पेज 15 पर दूसरी हरित क्रांति प्रयास चल रहा है. वे शुक्रवार को डाॅ राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय,पूसा के विद्यापति ऑडिटोरियम में मक्का के उत्पादन की चुनौतियां एवं विकल्प के संदर्भ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. राज्यपाल ने कहा कि मक्का एक बहुमुखी अनाज है. करीब 23 प्रतिशत मक्का का उपयोग लोग भोजन में करते हैं, जबकि उत्पादन का 50 प्रतिशत मुरगी दाना, मत्स्य पालन एवं स्टार्च के रूप में किया जाता है.
राज्य में मक्के के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. मक्के के उत्पादन सहित कृषि के विकास में राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय का बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने कहा कि मक्का जैसे ज्वलंत विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन करना सार्थक प्रयास है. महामहिम ने कहा कि कुलाधिपति के रूप में दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में आया था. अब यह केंद्रीय विश्वविद्यालय बन गया है. उन्होंने कुलपति डाॅ आरसी श्रीवास्तव के साथ साथ पूर्व कुलपतियों को कृषि के विकास में अमूल्य योगदान देने के लिए सराहना की. आइसीएआर के पूर्व डीजी एवं पद्म पुरस्कार से सम्मानित डाॅ आरएस बरोदा ने कहा कि भारत में पहली हरित क्रांति गेहूं एवं धान के लिए हुई. अब दूसरी हरित क्रांति मक्के के लिए होगी. वर्ष 1980 से 90 के दशक में जहां 10 मिलियन टन मक्के का उत्पादन होता था वहीं आज देश में 24 मिलियन टन मक्के का उत्पादन होता है. दो मिलियन टन बढोत्तरी के लिए प्रयास किया जा रहा है.
वैज्ञानिक तकनीक को अपना कर इसकी पैदावार बढ़ायी जा सकती है. अमेरिका ने तकनीक का इस्तेमाल कर इसके उत्पादनको बढ़ाया है. बिहार में 0.75 मिलियन हेक्टेयर में मक्के का उत्पादन होता है, इसे बढ़ा कर एक मिलियन हेक्टेयर करने की जरुरत है.
पूर्व कुलपति डाॅ एचपी सिंह ने कहा कि मक्का में ज्यादा प्रोटीन की मात्र पायी जाती है. पिछले बीस से पचीस साल में भारत में 5.5 प्रतिशत वृद्धि मक्के के उत्पादन में हुई है, जबकि विश्व में मक्के का उत्पादन मात्र 4 फीसदी बढ़ा है. कुलपति डाॅ आरसी श्रीवास्तव ने कहा कि मक्का उत्पादक किसानों की आय दुगुनी कैसे की जाये, इसको लेकर यह राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया है. केन्द्र सरकार ने 2022 तक किसानों की आय को दुगुनी करने का फैसला लिया है.
उन्होंने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि कुलाधिपति के रुप में उनका मार्गदर्शन तो प्राप्त होता ही था अब तक राज्यपाल के रूप में भी उनका मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है. राज्यपाल ने कृषि पत्रिका का भी विमोचन किया. धन्यवाद ज्ञापन पूर्व कुलपति डाॅ गोपाल जी त्रिवेदी ने किया. कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डाॅ निधि ने किया. इससे पूर्व राज्यपाल ने डाॅ राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. वहीं मां सरस्वती की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर परिक्रमा की. जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से भी उन्होंने मुलाकात की, जो पिछले दो दिनों से विवि परिसर स्थित रामकथा में आये हुए हैं.
