हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हुई गिरफ्तारी
ताजपुर थाना में दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के पास नहीं है कोई रिकार्ड
समस्तीपुर : कहते हैं कानून के हाथ लंबे होते हैं. इसकी समझ उम्र के आखिरी पड़ाव में पहुंच चुके कृष्णदेव गिरि को अब जरुर हो गयी होगी. हत्या के मामले में पिछले 47 वर्षो से पुलिस की नजरों से ओझल रहने के बाद रविवार की रात मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने उसके केवस निजामत स्थित घर से गिरफतार कर लिया.
पूछताछ के बाद उसे मंडल कारा भेज दिया गया. जानकारी के मुताबिक हत्या से संबंधित ताजपुर थाना में 1 जनवरी 1968 को दर्ज कांड संख्या 1/68 में कृष्णदेव गिरि वांछित था. व्यवहार न्यायालय समस्तीपुर के एडीजे 5 मनोज शंकर के न्यायालय में चल रहे एसटी 99/79 में उच्च न्यायालय से मिले निर्देश के आलोक में एडीजे 5 ने आरोपी पर कार्रवाई के लिये गत 29 दिसंबर 15 को एसपी सुरेश प्रसाद चौधरी को लिखा था. एसपी ने तत्काल गिरफतारी का निर्देश मुफस्सिल थानाध्यक्ष को दिया. इसके बाद हरकत में आयी पुलिस ने उसके घर से उसे गिरफतार कर लिया.
घटना से संबंधित पुलिस को नहीं है जानकारी
47 साल पूर्व हुये हत्या के मामले से संबंधित दस्तावेज पुलिस विभाग के पास फिलहाल उपलब्ध नहीं है. मुफस्सिल पुलिस मामला ताजपुर थाना का होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है. वही ताजपुर पुलिस भी इससे संबंधित किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार करती है. ताजपुर पुलिस की मानें तो 47 वर्षो के दौरान कई बार थाना भवन बदला गया है और बाढ के कारण भी कागजात नष्ट हुये है. इसलिये इतने पुराने मामले से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं है.
अगलगी में दो घर जले
मोहिउद्दीननगर. थाना क्षेत्र के राजाजान पंचायत के बहादुर चक में रविवार की देर रात अगलगी की घटना में दो घर जल गये. पीडि़तों में हेमन्त राम और सिकन्दर राम शामिल हैं.
