ताजपुर अस्पताल में 101 नवजात की मौत

ताजपुर : स्वास्थ्य विभाग के लाख प्रयास के बाद भी नवजात शिशुओं के मृत्यु दर रूकने का नाम नहीं ले रहा. ताजपुर रेफरल अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजातों के मौत का दर जारी है. इस वर्ष जनवरी से दिसंबर माह तक अस्पताल में 5845 प्रसव हुये. जिसमें 101 नवजात काल के गाल में समा […]

ताजपुर : स्वास्थ्य विभाग के लाख प्रयास के बाद भी नवजात शिशुओं के मृत्यु दर रूकने का नाम नहीं ले रहा. ताजपुर रेफरल अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजातों के मौत का दर जारी है. इस वर्ष जनवरी से दिसंबर माह तक अस्पताल में 5845 प्रसव हुये. जिसमें 101 नवजात काल के गाल में समा गये.

चिकित्सकों की माने तो अधिकतर मामलों में नवजात की मौत के दौरान प्रसव पीडि़त महिलाओं का सही देखभाल नहीं होना बताया जाता है. गर्भवती महिलाओं को मौसम में हो रहे बदलरव का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए. ठंड के मौसम में विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है. गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में सबसे ज्यादा ऐनिमिया होने का डर बना रहता है. जिसका असर नवजात पर अधिक पड़ता है.

महलाओं को इस दौरान आयरन का गोली जरूर ले लेना चाहिए. जिससे नवजात की मौत नहीं हो पाये. इस संबंध में अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डा़ चितरंजन ठाकुर ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त भोजन एवं आयरन की गोली नहीं लेना एवं प्रसाव पीडि़त महिला का सही से देखेझ्ररेख नहीं होने के कारण नवजात की मौत होती है. इस पर प्रसव पीडि़त महिलाओं को खास ध्यान देने की जरूरत है. साथ ही समयझ्रसमय पर चिकित्सकों के संपर्क में रहने की बातें कही.

प्रसव आंकड़ा एक नजर में

माह प्रसव मौत

जनवरी 509 11
फरवरी 469 10
मार्च 346 10
अप्रैल 339 5
मई 373 8
जून 425 6
जुलाई 640 6
माह प्रसव मौत
अगस्त 600 11
सितम्बर 542 11
अक्टूबर 558 5
नवम्बर 504 6
दिसंबर 440 12
कुल5845101
यह आंकड़ा 29 दिसंबर 2015 तक का है.
मौत के कारण
गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन में कमी.
जन्म के समय नवजात की साफझ्रसफाई न होना.
ऑक्सीजन का प्रयोग जन्म के समय न होना.
जन्म के समय नारे बांधने में देरी होना.

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