समस्तीपुर : दुनिया को सेहतमंद बनाये रखने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन एक हजार की आबादी पर एक चिकित्सक की तैनाती को मानक बना रखा है. इस लिहाज से गौर करें तो समस्तीपुर में चिकित्सकों की घोर किल्लत के कारण जिले की स्वास्थ्य सेवा डब्ल्यूएचओ के मानक से काफी दूर खड़ा नजर आता है.
इसका सीधा असर खास तौर से जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर नजर आता है. जिन्हें सर्दी खांसी जैसी साधारण बीमारियों से भी निजात पाने के लिए कई किलोमीटर की दूरी सफर तय करनी पड़ती है या फिर उन्हीं ग्रामीण चिकित्सकों की शरण में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है जिनके पास डिग्री की जगह साधारण अनुभव होता है. नतीजतन कई बार आमलोगों को सेहत के साथ आर्थिक क्षति उठानी पड़ जाती है.
जिसके कारण अब तक लोगों को स्वास्थ्य सेवा में अप्रत्याशित सुधार की जरूरत महसूस हो रही है. लोगों की इसी जरुरत को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बीते दिनों 25 हजार की आबादी पर एक चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने की घोषणा की है.
