समस्तीपुर : गनबाड़ी केंद्र जहां शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा तो दी जाती है. मगर यहां नाम मात्र की भी सुविधा नहीं मिलती है. सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बड़े उम्र के बच्चों की तरह भी इन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जाती है.
अपनी इस छवि को तोड़ने के लिये अब समेकित बाल विकास कोषांग ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र बनाने जा रहा है. जहां बच्चों को हरेक तरह की सुविधाऐं दी जायेगी. जिससे यहां शिक्षा के साथ ही बच्चों का सर्वांगीण विकास किया जायेगा. विभाग ने जिला की 20 परियोजनाओं में से ऐसे 118 केंद्रों का चयन किया है जिन्हें आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का दर्जा दिया जा सकेगा. इससे यह केंद्र आसपास के सभी केंद्रों के लिये एक मिशाल बनेंगे
सुविधाओं की जांच के बाद ही अनुमोदन
आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों की अनुशंसा परियोजना स्तर से की गयी है. इसके बाद समेकित बाल विकास कोषांग ऐसे चयनित केंद्रों की जांच करेगा. इसके लिये विभाग की ओर से मेंटर की तैनाती की गयी है. जांच में सफल पाये जाने पर ऐसे चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों की अनुशंसा राज्य सरकार के पास भेजी जायेगी. जिसके बाद इन केंद्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र घोषित किया जायेगा.
