खादी नहीं बन सकी अधिकािरयों व कर्मियों की शान
समस्तीपुर : अनुशासन और गांधीवादी जीवन शैली का पालन करने के उद्देश्य एवं बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को खादी का इसका इस्तेमाल करने का निर्देश राज्य सरकार ने विगत जून माह में दिया था. साथ ही मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने सभी विभागों को पत्र लिखकर हफ्ते में कम से कम […]
समस्तीपुर : अनुशासन और गांधीवादी जीवन शैली का पालन करने के उद्देश्य एवं बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को खादी का इसका इस्तेमाल करने का निर्देश राज्य सरकार ने विगत जून माह में दिया था. साथ ही मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने सभी विभागों को पत्र लिखकर हफ्ते में कम से कम दो दिन खादी के इस्तेमाल का आदेश दिया था.
वहीं कॉलेज और स्कूलों के शिक्षकों से भी ऐसा करने की सलाह दी गई थी राज्य सरकार ने पहले भी खादी उद्योग से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए ऐसे निर्देश जारी किये थे. उम्मीद की जा रही थी कि अभीतक नेताओं के ड्रेस कोड के रूप में जानी जाने वाली खादी के दिन बहुरेंगे, लेकि न ऐसा नहीं हुआ. जिले के विभिन्न विभागों में तैनात करीब नौ हजार से अधिक अधिकारी और कर्मचारी अब धीरे धीरे इस आदेश पर अमल करना भी मुनासिब नहीं समझते है.
यह अभी भी एक सवाल है कि खादी की छवि को बदलने की ये कोशिशें क्या वाकई कोई बदलाव ला सकेंगी. हालांकि, इसकी व्यापक लोकप्रियता में समय लग सकता है. लेकिन ख़ादी में बदलाव इससे जुड़े लाखों कारीगरों की ज़िंदगी को बदल सकता है.
प्रभारी डीएम सह डीडीसी ए रहमान का कहना है कि सरकार के दिशा निर्देश का पालन किया जायेगा. सभी अधिकारी व कर्मचारी खादी का वस्त्र पहनकर दो दिन सप्ताह में आयेंगे. नहीं आने वालों पर विभागीय दिशा निर्देश के अनुरूप कार्रवाई की जायेगी.