इसके साथ ही व्रती मंगलवार को प्रतिहार षष्ठी व्रत की तैयारी में जुट गये. बुुजुर्ग व्रतियों ने बताया कि अब चौबीस घंटे का व्रत होगा. दिन रात अन्न जल ग्रहण नहीं करेंगे.
छठी मैया का प्रसाद तैयार करने में व्रत का दिन बीतेगा. संध्या में सूर्य को पहला अर्घ्य समर्पित करेंगे. इसके लिए आवश्यक तैयारियों का दौर मंगलवार को भी देर दोपहर तक चलेगा. अगली सुबह यानी बुधवार को प्रात:कालीन अर्घ समर्पित करने के बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रती अन्न जल ग्रहण करेंगे.
