नहाय-खाय के साथ सूर्योपासना शुरू
समस्तीपुर : सूर्योपासना का महापर्व छठ आरंभ हो गया है. चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन रविवार को व्रतियों ने गंगा समेत जिले से गुजरने वाली बूढ़ीगंडक, करेह, कमला बलान, मरगंग के अलावा तालाबों में डुबकियां लगायी. सूर्य को जल अर्पित किया. उनसे सुख-समृद्धि की याचना की. नदी घाटों पर व्रतियों […]
समस्तीपुर : सूर्योपासना का महापर्व छठ आरंभ हो गया है. चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन रविवार को व्रतियों ने गंगा समेत जिले से गुजरने वाली बूढ़ीगंडक, करेह, कमला बलान, मरगंग के अलावा तालाबों में डुबकियां लगायी. सूर्य को जल अर्पित किया. उनसे सुख-समृद्धि की याचना की.
नदी घाटों पर व्रतियों की अच्छी खासी भीड़ उमड़ती रही. इसमें पहली बार व्रत करने वाली महिलाएं भी शामिल थी. जिन्होंने अपने घर के बड़े-बुजुर्गों के सानिध्य में नहाय खाय किया. उनके मार्ग दर्शन में शुचिता के साथ व्रत रखने का संकल्प लिया.
व्रतियों ने किया नहाय खाय
व्रतियों ने छठ को लेकर निष्ठापूर्वक स्नान पूजा की. फिर तैयार कद्दू व अरवा चावल को प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया. बुजुर्ग व्रतियों ने बताया कि चार दिनों तक चलने वाले छठि मैया के पर्व की शुरुआत हो गयी है.
पहले दिन अरवा अरवाइन भोजन ही ग्रहण किया जाता है. इसे भी पूरे नियम व निष्ठा के साथ तैयार किया गया. क्योंकि छठी मैया के पर्व में नियम निष्ठा का विशेष ध्यान रखा जाता है. क्योंकि छठि मैया थोड़ी सी भी अनिष्ठा होने पर इसका विपरीत फल देती है. ऐसी मान्यता सदियों से चली आ रही है.