समस्तीपुर : यम द्वितीया के अवसर पर कायस्थों के आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त की पूजा पूरे हर्षोउल्लास व उत्साह के साथ शुक्रवार को की गयी. शहर के विभिन्न मंदिरों में इस अवसर पर भगवान चित्रगुप्त ,पत्नी दक्षिणा नंदनी व एरावती शोभावती के साथ सपरिवार प्रतिमा स्थापित की गयी. उनकी पूजा की गयी.
कलम-दवात के साथ हुई भगवान चित्रगुप्त की पूजा
समस्तीपुर : यम द्वितीया के अवसर पर कायस्थों के आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त की पूजा पूरे हर्षोउल्लास व उत्साह के साथ शुक्रवार को की गयी. शहर के विभिन्न मंदिरों में इस अवसर पर भगवान चित्रगुप्त ,पत्नी दक्षिणा नंदनी व एरावती शोभावती के साथ सपरिवार प्रतिमा स्थापित की गयी. उनकी पूजा की गयी. पौराणिक मान्यताओं के […]

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार लोगों के कर्मों का लेखा जोखा सही ढंग से नहीं रखने के कारण भगवान यम कई लोगों को गलती से स्वर्ग भेज दिया करते थे. इससे भगवान ब्रह्मा ने नाराज होते हुये कर्म विपाक फल को सही ढंग से तय करने का आदेश यमराज को दिया. जिसपर यमराज ने अपनी असर्मथता जतायी. भगवान यम की असमर्थता को देखते हुये ब्रम्हा स्वंय दस हजार दस सौ वर्ष की समाधी लगाकर तप करने लगे. इससे उनके शरीर से चित्रगुप्त की उत्पत्ति हुयी.
इससे उनकी संझा कायस्थ हो गयी. ब्रह्मा ने उन्हें यमलोक में लोगों के कर्म विपाक फल का लेखा जोखा रखने का दायित्व दिया. महाभारत में वर्णन आता है कि भीष्म को इच्छा मृत्यु का वरदान भगवान चित्रगुप्त ने ही दिया था. वहीं वेद के अनुसार पहली बार अक्षर का उपयोग भगवान चित्रगुप्त ने ही किया था.
मोहिउद्दीननगर : चित्रांशो ने अपने अराध्य देव चित्रगुप्त भगवान की श्रद्धा व भक्तिपूर्वक पूजा अर्चना की और अपने सुख समृद्धि की कामना की़ पूजा के दौरान डा़ रंजन कुमार, पूर्व मुखिया जितेश सिन्हा, मुखिया सुधा सिन्हा, मनोज सिन्हा, कमलेश सिन्हा, पप्पू श्रीवास्तव, अर्चना सिन्हा, वंदना सिन्हा आदि की सक्रियता देखी गयी़
मोरवा : प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में श्रद्धालुओं द्वारा चित्रगुप्त भगवान की पूजा की गयी. मोरवा उत्तरी पंचायत में सुशील कुमार वर्मा के नेतृत्व में भगवान चित्रगुप्त जी महाराज का मूर्ति स्थापित कर पूजा का आयोजन किया गया. वहीं मरीचा पंचायत में मनोज कुमार वर्मा के नेतृत्व में हर्षोल्लास के साथ भगवान चित्रगुप्त की पूजा संपन्न हुई.