कूटि ले भैया के दुश्मन आठो पहर दिन रात...

समस्तीपुर : बहन व भाई के प्रेम व सोहार्द के प्रतीक भैया दूज पूरी आस्था के साथ शुक्रवार को मनाया गया. बहनों ने बजरी कुट कर भाइयों के लिये अक्षय आयु का वरदान मांगा. रुई व हल्दी से माला बनाकर अपने भाइयों को सुख व समृद्धि का वरदान दिया. पौरोणिक कथा अनुसार शनि के कलह […]

समस्तीपुर : बहन व भाई के प्रेम व सोहार्द के प्रतीक भैया दूज पूरी आस्था के साथ शुक्रवार को मनाया गया. बहनों ने बजरी कुट कर भाइयों के लिये अक्षय आयु का वरदान मांगा. रुई व हल्दी से माला बनाकर अपने भाइयों को सुख व समृद्धि का वरदान दिया. पौरोणिक कथा अनुसार शनि के कलह से तंग आकर यमुना पृथ्वी पर चली आयी.

कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को भगवान यम अपने बहन यमुना को मना कर वापस सुर्य लोक ले जाने में सफल हुये. जिसके बाद यमुना ने वरदान दिया कि यम द्वितीया के दिन जो भी भाई अपने बहन के यहां जाकर उसके हाथ से बने भोजन को ग्रहण करेगा. वह आयु, संपत्ति व धन धान्य से पुर्ण होगा. भैया दूज को लेकर गांव घरों में सुबह से ही बहनाें ने तैयारियां कर ली. बजरी कुट कर अपने भाइयों को इसे खिलाया. वहीं भाइयों ने भी इस अवसर पर नेग देकर अपने बहनों के मान व प्यार को बनाये रखने का संकल्प लिया.

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