रास्ते बड़े कठिन है, चलना संभल संभल के...

खानपुर : रुकिये आगे खतरा है, रास्ता बड़ी कठिन है चलना संभल-संभल के…वरना थोड़ी सी चूक आपको खतरे में डाल सकता है. जी हां चर्चा हो रही है इलमासनगर चौक से वारिसनगर प्रखंड जाने वाली लाइफ लाइन सड़क की, जिस सड़क को आज भी किसी तारणहार का इंतजार है. इसकी जर्जरता से आज लोग इस […]

खानपुर : रुकिये आगे खतरा है, रास्ता बड़ी कठिन है चलना संभल-संभल के…वरना थोड़ी सी चूक आपको खतरे में डाल सकता है. जी हां चर्चा हो रही है इलमासनगर चौक से वारिसनगर प्रखंड जाने वाली लाइफ लाइन सड़क की, जिस सड़क को आज भी किसी तारणहार का इंतजार है. इसकी जर्जरता से आज लोग इस कदर परेशान हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है.

करीब एक दशक पूर्व इस सड़क पर कालीकरण के बाद इसकी खोज खबर नहीं ली गयी है. सड़क की फिलवक्त स्थिति से यही प्रतीत हो रहा है कि विभाग या फिर जनप्रतिनिधियों का इस लाइफ लाइन सड़क की उपेक्षा ही हुई है. कई वर्षों से ताश की पत्तों की तरह बिखड़ी उक्त सड़क की स्थिति तब और दयनीय हो जाती है जब हलकी बारिश हो जाय.आखिर कब और कौन करेगा इसका उद्धार यह एक सवाल बनकर लोगों को तड़पा रहा है.

इलमासनगर से वारिसनगर प्रखंड का लाइफ लाइन सड़क होने के बाद भी अब तक इस सड़क को नहीं बनाया गया है. लोगों ने विधायक से लेकर सांसद तक का भी ध्यान आकृष्ट कराया. लेकिन सब बेअसर रहा. अब फिर लोग आवागमन की परेशानी से जूझते हुये जनप्रतिनिधियों की दुहाई देते नजर आ रहे हैं. सड़क की स्थिति देखकर लोगों को फिर एक बार 15 साल पहले की पुरानी यादें ताजा होने लगी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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