निर्बाध आपूर्ति में बाधक बना ''टोका''

कहीं खामोश न हो जाये किलकारी बच्चों की किलकारी बिजली के करंट से कब खामोश हो जाये कहना मुश्किल है. विभागीय लापरवाही खुलेआम दिख रही है लोग हैरत में भी है. लेकिन सावधानी हटी की दुर्घटना घटी. शहर में करीब आधा दर्जन से अधिक ट्रांसफाॅर्मर और बिजली के तार खुलेआम मौत को निमंत्रण दे रहे […]

कहीं खामोश न हो जाये किलकारी बच्चों की किलकारी बिजली के करंट से कब खामोश हो जाये कहना मुश्किल है. विभागीय लापरवाही खुलेआम दिख रही है लोग हैरत में भी है. लेकिन सावधानी हटी की दुर्घटना घटी. शहर में करीब आधा दर्जन से अधिक ट्रांसफाॅर्मर और बिजली के तार खुलेआम मौत को निमंत्रण दे रहे हैं.

सबसे भयावह स्थित शहर के तिरहुत एकेडमी रोड, बीएड कॉलेज रोड, आरएनएआर कॉलेज रोड का है. यहां छोटे-छोटे बच्चों का हाथ भी गलती से ऊपर की ओर उठ जाये तो हादसा होना निश्चित है. तिरहुत एकेडमी रोड के पास लगा ट्रांसफार्मर सड़क से महज तीन फिट की दूरी लिए लगा दिया गया है. कमोवेश यहीं स्थिति अन्य जगहों की है. जिन तारों पर बिजली का ग्यारह हजार वोल्ट दौड़ता है वह सड़क से करीब आठ से दस फीट की दूरी पर स्थित है. अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विद्युत विभाग इन सब बातों को जानते हुए भी बेपरवाह बना हुआ है. लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया लेकिन स्थिति जस का तस है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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