समस्तीपुर : पवित्र माह रमजानुल मुबारक की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गयी है़ नमाजियों के इस्तकबाल को मसजिदों में रंग-रोगन का कार्य जोरों पर है़ चांद की तस्दीक होने पर 19 जून को पहला रोजा रखा जायेगा़ इस वर्ष 15 घंटे 15 मिनट का पहला रोजा रहेगा़ सिर्फ रमजान में पढ़ी जाने वाली विशेष नमाज-ए-तरावीह 18 जून से प्रारंभ हो जायेगी़ सीपीएस के निदेशक मो़ आरिफ ने बताया कि भीषण गरमी भी रोजेदारों का हौसला नहीं तोड़ पायेगी़
सभी को पवित्र माह का इंतजार है़ इंशाअल्लाह रोजेदारों पर अल्लाह की खास रहमत रहेगी़ इधर धर्मपुर, आजाद चौक, काशीपुर, गोला बाजार आदि स्थित मसजिदों में सफाई का कार्य जारी है़ राजद के महासचिव फैजूर रहमान फैज ने रमजानुल मुबारक में पूरे माह विशेष सफाई व बिजली व्यवस्था करने की मांग दोहरायी गयी़ साथ ही पूरे माह 24 घंटे बिजली, इफ्तार के बाद सेहरी से पहले तक स्थान-स्थान पर पानी के टैंकर की व्यवस्था, गलियों व सड़कों को गड्ढा मुक्त करना आदि की मांग की गयी है़
वहीं चांद दिखने के बाद से रोजे रखने की परंपरा है़ आने वाले एक महीने में मुसलिम समुदाय रोजे रखकर अल्लाह की इबादत करेगा़ रमजान के पूरे महीने कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है़ इनसान रमजान की हर रात उससे अगले दिन के रोजे की नियत कर सकता है़
बेहतर यही है कि रमजान के महीने की पहली रात को ही पूरे महीने के रोजे की नियत कर लें, अगर कोई रमजान के महीने में जानबूझ कर रमजान के रोजे के अलावा किसी और रोजे की नियत करे तो वो रोजा कुबूल नहीं होगा और ना ही वो रमजान के रोजे में शुमार होगा, बेहतर है कि आप रमजान का महीना शुरू होने से पहले ही पूरे महीने की जरूरत का सामान खरीद लें, ताकि आपको रोजे की हालत में बाहर ना भटकना पड़े और आप ज्यादा से ज्यादा वक्त इबादत में बिता सकें रमजान के महीने में इफ्तार के बाद ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें दिनभर के रोजे के बाद शरीर में पानी की काफी कमी हो जाती है़ मर्दों को कम से 2.5 लीटर और औरतों को कम से कम दो लीटर पानी जरूर पीना चाहिए़ इफ्तार की शुरुआत हल्के खाने से करें खजूर से इफ्तार करना बेहतर माना गया है़ इफ्तार में पानी, सलाद, फल, जूस और सूप ज्यादा खाएं और पीएं.
इससे शरीर में पानी की कमी पूरी होगी, सहरी में ज्यादा तला, मसालेदार, मीठा खाना न खाएं, क्योंकि ऐसे खाने से प्यास ज्यादा लगती है़ सहरी में ओटमील, दूध, ब्रेड और फल सेहत के लिए बेहतर होता है़ रमजान के महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, अल्लाह को राजी करना चाहिए क्योंकि इस महीने में कर नेक काम का सवाब बढ़ा दिया जाता है.
