दलसिंहसराय : मानवीय संवेदनाओं की अतिशून्यता कहें या फिर मानव के रुप में दरिन्दे की दरिन्द्गी़ हवस की भूख ने मानव के बहशीपन को इतना बढ़ा दिया कि आज दरिन्दे मानव के हवस की आग ने अबोध व मासूम बच्ची को भी नहीं बख्शा़ केवटा गांव में आठ वर्षीया बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना ने एक बार फिर से मानवता को शर्मशार कर डाला़
बहशीपन की सारी हदें लांघ मानवीय संवेदनाओं को झंकझोड़ दिया़ अबोध मासूम ने तो अभी जीवन को ठीक से जाना व समझा भी नहीं था़ हवस की आग में अंधे मनुष्य के रुप में भूखे भेड़िये ने उसकी अस्मत ही लूट ली.पंचायत की मुखिया नीलम देवी ने बताया कि पीड़िता बच्ची के पिता नहीं है़ मां बहुत गरीब है जो मेहनत मजदूरी करके अपना व बच्चों का पेट पालती है.
घटना के बाद उसकी मां मदद मांगने उसके पास पहुंची. जबकि गांव के कुछ लोग इज्जत का हवाला देकर पंचायत कर मामले को सलटना चाहते थ़े लेकिन बच्ची को इलाज की जरुरत थी़ इसलिये परिजनों के साथ वे उन्हें अस्पताल ले आयी़ सीपीएम नेता विधानचंद्र, कुन्दन पासवान समेत अन्य ने बताया कि दोषी को सजा मिलनी चाहिये.
