संस्कारों को जगाने की जरूरत

विभूतिपुर. प्रखंड के संस्कृत प्राथमिक सह उच्च विद्यालय खोकसाहा के सभागार में प्रखंड के संस्कृत शिक्षक व कर्मी तथा संस्कृत शिक्षा प्रेमियों की बैठक प्रधानाध्यापक प्रभुनारायण राय के अध्यक्षता में संपन्न हुई. डॉ दुर्गेश राय को संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बनाये जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है. बैठक में […]

विभूतिपुर. प्रखंड के संस्कृत प्राथमिक सह उच्च विद्यालय खोकसाहा के सभागार में प्रखंड के संस्कृत शिक्षक व कर्मी तथा संस्कृत शिक्षा प्रेमियों की बैठक प्रधानाध्यापक प्रभुनारायण राय के अध्यक्षता में संपन्न हुई. डॉ दुर्गेश राय को संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बनाये जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है. बैठक में संस्कृत शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए विमर्श करते हुए प्रखंड के सभी स्थापना स्वीकृत विद्यालयों में नियमित वर्ग संचालन हेतु चर्चा की गयी. वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत में भारतीय संस्कृति छुपी है. भारत की संस्कृति को बनाये रखने के लिए संस्कृत शिक्षा जरूरी है वेद -पुराण भी कहता है कि संस्कृत सभी भाषाओं का मूल है. संस्कृत से संस्कार का उद्भव होता है अत: संस्कृत शिक्षा को मानव जीवन में अत्यंत आवश्यक है. यह भूल हे कि संस्कृत का मांग नहीं अब भी संस्कृत के हजारेां पद खाली रह जाते हैंं. लोग अपनी संस्कृति को भूल कर अंग्रेज के जाने के बाद भी उनकी थोपी हुई अंग्रेजी का गुणगान कर अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं. आज आवश्यक्ता है तो अपने संस्कारों को जगाने और उसे कायम रखने की. मौके पर राम कुमार केशरी, शिवजीत झा, मिथिलेश झा, विभा देवी, महेश झा उपस्थित थे. इधर, डा. दुर्गेश राय को संस्कृत शिक्षा बोर्ड का अध्यक्ष बनाये जाने पर प्रखंड के संस्कृत प्राथमिक सह मध्य विद्यालय खोकसाहा के सचिव विशेश्वर महतो, भूमिदाता राजेन्द्र प्रसाद सिंह, भुवनेश्वर महतो, रामचन्द्र महतो, गोपाल प्रसाद ने हार्दिक बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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