मोरवा. आज हाइटेक होती दुनिया मे सब कुछ बदलती आ रही है. किसी भी प्रयोजनों में परंपरागत गीतों की जगह अश्लील गानों ने ले ली है. चारांे ओर जहां सुनिये अश्लील गाने कानफाड़ू आवाज में बजते सुनायी देते हंै. आज स्थिति यह हो गयी है कि परंपरागत गीतों को लोग भूलने लगे हैं. शादी विवाह के मौके पर बनजे वाले शहनाई की आवाज अब गुम सी हो गयी है. अश्लील गानों से कोई भी वर्ग अछूता नहीं रहा. प्रशासन और समाज के सामने यह सब हो रहा है लेकिन कोई भी इसका विरोध करने की हिमाकत नहीं कर रहा है. डीजे की साउंड से जब इन अश्लील गानों की धुन निकलती है तो लोगों का सर तो एकबार जरूर झुक जाता है लेकिन बेबसी है कि इसका विरोध करें तो कैसे करे. आज परंपरगत वाद्य यंत्रों की जगह ऑर्केस्ट्रा ट्रॉली ने ले लिया है. इसकी आवाज इतनी तेज होती है कि सुनने वालों का कलेजा डोलने लगता है. इसकी तीव्रता इतना ज्यादा होती है कि कमजोर हर्ट वालों के लिये नुकसानदायक साबित हो सकता है. आज मेरे यार की शादी है और बहारों फूल बरसाओ जैसे गाने नहीं सुनायी पड़ते हैं. इसकी जगह अश्लील और भैंाड़े गानों की धुन सुनायी देती है. प्रखंड क्षेत्र में ऑर्केस्ट्रा ट्रॉली की भरमार है. 20 से 40 हजार रुपये तक में इसकी बुकिंग होती है.
अश्लील गानों का बढ़ा बोलबाला
मोरवा. आज हाइटेक होती दुनिया मे सब कुछ बदलती आ रही है. किसी भी प्रयोजनों में परंपरागत गीतों की जगह अश्लील गानों ने ले ली है. चारांे ओर जहां सुनिये अश्लील गाने कानफाड़ू आवाज में बजते सुनायी देते हंै. आज स्थिति यह हो गयी है कि परंपरागत गीतों को लोग भूलने लगे हैं. शादी विवाह […]
