समस्तीपुर. ग्रामीणों के गुटबंदी व शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की असंवेदनशीलता के कारण विगत 38 दिनों से राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिलौत बंद पड़ा हुआ है. इसका खामियाजा छात्रों के साथ साथ शिक्षक भी भुगत रहे हैं. बताते चलें कि विगत नौ अप्रैल से विद्यालय में पठन पाठन बंद पड़ा हुआ है. बावजूद अब तक विद्यालय में पठन पाठन सुचारु ढंग से शुरू हो सके, इसकी पहल न ही जिला प्रशासन कर रहा है और न ही शिक्षा विभाग के पदाधिकारी. बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला सचिव शिवचंद्र राय ने बताया कि इस विद्यालय के पूर्व प्रभारी एचएम भयाक्रांत होकर विभागीय कार्यालय में आवेदन देकर योगदान दिया. बाद के दिनों में उनका प्रतिनियोजन अन्य विद्यालय में किया गया. पूर्व एचएम ने विद्यालय का प्रभार राजेश कुमार को सौंपा था. लेकिन, कुछ दिनों के पश्चात उनका भी स्थानांतरण हो गया. इस वजह से वरीय शिक्षक को प्रभार सौंपा गया. लेकिन विकास का खाता स्थानांतरण नहीं होने के कारण पोशाक राशि का वितरण नहीं हो सका था. बीइओ द्वारा खाता का स्थानांतरण करने का आदेश एसबीआइ को दिया. लेकिन, बैंक ने भी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि डीपीओ स्थापना का आदेश दिया जाये. इस आदेश को देने में काफी विलंब हुआ. जिस वजह से ग्रामीणों ने विद्यालय में अपना ताला जड़ दिया. बीइओ रामनाथ राम ने बताया कि सीएम के निर्देश पर फिलवक्त विद्यालयों में गरमी की छुट्टी जारी है. यह छुट्टी समाप्त होने के उपरांत विद्यालय का संचालन समय पर शुरू किया जायेगा.
38 दिनों से बंद पड़ा है उमवि सिलौत
समस्तीपुर. ग्रामीणों के गुटबंदी व शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की असंवेदनशीलता के कारण विगत 38 दिनों से राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिलौत बंद पड़ा हुआ है. इसका खामियाजा छात्रों के साथ साथ शिक्षक भी भुगत रहे हैं. बताते चलें कि विगत नौ अप्रैल से विद्यालय में पठन पाठन बंद पड़ा हुआ है. बावजूद अब तक […]
