फोटो संख्या : 13मोहिउद्दीननगर. मंत्रोच्चार की ध्वनि से संपूर्ण चकला गांव एवं आसपास के इलाके महा विष्णुयज्ञ को लेकर गंुजित है . यज्ञशाला की ओर श्रद्घालुओं की भीड. उमड. रही है. प्राण प्रतिष्ठा के सातवें दिन पूण्य बटोरने के लिए दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा. इससे पूर्व यज्ञ भगवान का अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास, व शैय्याधिवास के बाद सांध्य कालिन आरती की गयी. ज्ञानमंच से कथा वाचिका पुष्पा उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान परिवेश में दहेज मानवता के लिए कलंक है. दहेजरूपी आसुरी प्रवृति के कारण ना जाने कितनी कन्याएं दहेज की बलिवेदी पर रोज रोज अपने प्राणों का न्योछावर करती है. आज जरूरत है कि ऐसी कुत्सित विचारधारा का परित्याग कर श्रेष्ठ मानवीय मूल्यों को स्थापित करने में सामाजिक सहयोग की भावना जागृत करने की. आस्थावानों के बीच रामकथा की फूलवारी प्रसंग व गिरजा पूजन की विशद व्याख्या करते हुए कहा कि जगत जननी जगदम्बा सीता ने मां गिरजा से श्वसुर के रूप में राजा दशरथ, सास के रूप में कौशल्या, पति के रूप में राम, देवर के रूप में लक्ष्मण का वरदान मांगी. कहा कि सनातनी परंपरा के मूल्यों को जागृत कर आपभी राजा दशरथ जैसा आचरण प्रस्तुत करें ताकि आपके घर में भी सीता जैसी बहु आ सके नहीं तो जैसा आज का माहौल है आपके घर में सीता जैसी बहु तो नहीं आ सकती अपितु सूर्पनखा जैसी बहू अवश्य आ सकती है . मौके पर राजेश कुमार सिंह, मनोज सिंह, शंकर सिंह, उमेश राय, शिवनाथ राय, अर्जुन राय, हरकेश्वर राय धनंजय राय, रामनाथ राय, खेदू राय, संजय राय, उमांशंकर राय, रामईश्वर राय, रॉबीन कुमार, गोपाल, विकेश कुमार, पंकज कुमार, दीपक, बैजू राय, प्रभंस राय आदि मौजूद थे.
दहेज मानवता के लिए कलंक है : साध्वी पुष्पा
फोटो संख्या : 13मोहिउद्दीननगर. मंत्रोच्चार की ध्वनि से संपूर्ण चकला गांव एवं आसपास के इलाके महा विष्णुयज्ञ को लेकर गंुजित है . यज्ञशाला की ओर श्रद्घालुओं की भीड. उमड. रही है. प्राण प्रतिष्ठा के सातवें दिन पूण्य बटोरने के लिए दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा. इससे पूर्व यज्ञ भगवान का अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास, व शैय्याधिवास […]
