आवंटन की कमी के पेच में फंसा नैनिहालों का निवाला

कई परियोजनाओं में आधी तो कई में एक चौथाई केंद्रों पर ही हुआ वितरणमई महीने के लिए पहुंची पर्याप्त राशि समस्तीपुर. बच्चों में शिक्षा की रोशनी के साथ ही पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो यही बाल विकास योजना के मुख्य उद्देश्य है. कु पोषण क ो दूर कर इनके उचित विकास के लिये यह पहल अधूरी […]

कई परियोजनाओं में आधी तो कई में एक चौथाई केंद्रों पर ही हुआ वितरणमई महीने के लिए पहुंची पर्याप्त राशि समस्तीपुर. बच्चों में शिक्षा की रोशनी के साथ ही पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो यही बाल विकास योजना के मुख्य उद्देश्य है. कु पोषण क ो दूर कर इनके उचित विकास के लिये यह पहल अधूरी ही दिखायी दे रही है. आंगनबाड़ी केंद्रों में स्कूल पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों क ा निवाला आवंटन की कमी की पेच में अटका पड़ा था. जिले में 20 बाल विकास परियोजना कार्यरत हैं. इसमेंे कई परियोजनाओं में आधी तो कइयों में एक चौथाई आंगनबाड़ी केंद्र्रों में ही पोषाहार राशि का वितरण किया गया. यह हाल विगत अप्रैल माह की पोषाहार राशि का है. इसके कारण आंगनबाड़ी केेंद्रों में पढने वाले बच्चों को पोषाहार नहीं मिल पाया है. बच्चे भूखे पेट ही शिक्षा की रोशनी ग्रहण कर रहे थे. इस बाबत आइसीडीएस के डीपीओ अखिलेश सिंह ने बताया कि अप्रैल माह में पोषाहार के लिये आवंटन नहीं आया था. बाल विकास परियोजनाओं ने शेष राशि से ही आवंटन किया था. वहीं मई माह के लिये पर्याप्त आवंटन आ चुका है. जिसके लिये ससमय वितरण के लिये सभी सीडीपीओ को आदेश दिया गया है. वहीं सभी परियोजनाओं से आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची बैंकों को सौंपी जा चुकी है. इससे सही समय में केंद्रों को आवंटन मिल जाये. ससमय इसका वितरण किया जा सके. बताते चलें कि पोषाहार के रूप में सरकार प्रत्येक केंद्र को प्रति माह 16225 की राशि विभाग की ओर से आवंटित की जाती है. जिले में फिलहाल 3483 केंद्र कार्यरत हैं. इसी राशि से माह भर बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो पाता है.

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