अब और नहीं सह सकते भूकंप के झटके

फोटो संख्या : 4मामूली झटका भी हो सकता है जानलेवाआपदा प्रबंधन विभाग पर टिकी निगाहें प्रतिनिधि, मोरवा प्रखंड क्षेत्र के मकान भूकंप के झटकों से इतने कमजोर हो चुके हैं कि अब मामूली झटका भी जानलेवा साबित हो सकता है. बार बार के झटकों ने इसकी नींव तक हिला कर रख दिया है. कभी तेज […]

फोटो संख्या : 4मामूली झटका भी हो सकता है जानलेवाआपदा प्रबंधन विभाग पर टिकी निगाहें प्रतिनिधि, मोरवा प्रखंड क्षेत्र के मकान भूकंप के झटकों से इतने कमजोर हो चुके हैं कि अब मामूली झटका भी जानलेवा साबित हो सकता है. बार बार के झटकों ने इसकी नींव तक हिला कर रख दिया है. कभी तेज तो कभी हल्के झटकों ने मकानों को इस कदर क्षति पहुंचाई है. इससे उबरने में लोगों को वर्षों लग जायेंगे. 25 अप्रैल से लेकर अब तक आये झटकों ने प्रखंड क्षेत्र के करीब 400 मकानों को नुकसान पहुंचाया है. बहुत कम मकान ऐसे बचे हैं जिस पर भूकंप का प्रभाव नहीं पड़ा है. बता दें कि प्रखंड क्षेत्र का अधिकांश मकान भूकंप के मानकों के अनुरूप नहीं बना है. भराई एवं गहरे गड्ढे के किनारे बने भूकंप के मामूली झटके भी सहन नहीं कर पा रहे हैं. उसमें बड़ी बड़ी दरारें देखी जा रही है. भूकंप के कई झटकों ने मकनों को इतना कमजोर कर दिया है कि लोगों को अब भय सताने लगा है कि अगर अब कम तीव्रता का भी भूकंप आता है तो बड़ी तबाही मच सकती है और पहले से क्षतिग्रस्त मकान धराशायी हो सकते हैं. उधर भूकंप से तबाह हुए मकानों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. हलई ओपी के चकजलाल गांव में लालन राय के घर के पूरी तरह धराशायी होने की सूचना मिली है. गनीमत है कि कोई बड़ी घटना नहीं हुई. भूकंप से तबाह हुए पीडि़तों की नजर अब पूरी तरह प्रशासन पर टिकी है. लोग आवेदन लेकर प्रखंड कार्यालय का दरवाजा खटखटा रहे हैं लेकिन अब तक कहीं से कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है. लोग आपदा प्रबंधन से भी लगातार संपर्क साधे हुए हैं.

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