प्रतिनिधि, मोहनपुर यूनिसेफ तथा बिहार शिक्षा परियोजना से संयुक्त तत्वावधान में संकट प्रबंधन के लिए चलाये गये पांच प्रशिक्षणों को मोहनपुर प्रखंड में कार्यान्यावित नहीं किया जा सका. भूकंप तथा दूसरे संकटों से बचाव के रास्ते बताने वाले संकट प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए तीन-तीन प्रशिक्षण जिले में दिये गये थे. जबकि भूप्रशिक्षणों के लिए बिहार शिक्षा परियोजना तथा यूनिसेफ ने दो बार अपने प्रशिक्षण चलाये गये थे. प्रशिक्षकों ने प्रकृति तथा मानव निर्मित दोनांे की प्रकार के संकटों से बचने के उपाय बताये थे. निर्देश दिया गया था कि प्रत्येक विद्यालयों में संकट प्रबंधन का गठन किया जाय. इस समिति में फोकल पोआइंट की टीचर के अतिरिक्त कई और सदस्यों को शामिल किया जाना था. प्रशिक्षण साल भी पहले दिये गये. लेकिन विद्यालयों में अभी तक संकट प्रबंधन समिति नहीं बन सकी. इन प्रशिक्षणों का जिला एवं प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षणों को जोड़ते हुए लाखों के खर्च का अनुमान लगाया जात हैं. विद्यालयों में यदि यह समिति बन जाती तो संकट के समय सावधान हुआ जा सकता था.
पांच प्रशिक्षणों के बाद भी नहीं हुआ फोकल पोआइंट टीचर का चयन
प्रतिनिधि, मोहनपुर यूनिसेफ तथा बिहार शिक्षा परियोजना से संयुक्त तत्वावधान में संकट प्रबंधन के लिए चलाये गये पांच प्रशिक्षणों को मोहनपुर प्रखंड में कार्यान्यावित नहीं किया जा सका. भूकंप तथा दूसरे संकटों से बचाव के रास्ते बताने वाले संकट प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए तीन-तीन प्रशिक्षण जिले में दिये गये थे. जबकि भूप्रशिक्षणों के लिए […]
