तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा : मृत्युंजय

फोटो संख्या : 7* आस्था का केन्द्र बना वाजिदपुर गांवमोरवा. मंत्रों की ध्वनि से पूरा वाजितपुर करनैल गांव गूंज रहा है. यज्ञशाला की ओर श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है. प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ के तीसरे दिन पुण्य बटोरने में दिनभर भक्तों का ताता लगा रहा. यज्ञ सभा में श्रद्घालुओं को संबोधित करते हुए वेदाचार्य मृत्युंजय […]

फोटो संख्या : 7* आस्था का केन्द्र बना वाजिदपुर गांवमोरवा. मंत्रों की ध्वनि से पूरा वाजितपुर करनैल गांव गूंज रहा है. यज्ञशाला की ओर श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है. प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ के तीसरे दिन पुण्य बटोरने में दिनभर भक्तों का ताता लगा रहा. यज्ञ सभा में श्रद्घालुओं को संबोधित करते हुए वेदाचार्य मृत्युंजय कुमार द्विवेदी ने भक्त और भगवान के मधुर संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा कि सब कुछ तो उन्हीं का दिया हुआ है. भक्त तो सेवक मात्र हैं जो ईश्वर द्वारा प्रदत सारी चीजों का रक्षा करते है. भक्त अपने पूरे परिवार के साथ ईश्वर की अमानत को उन्हीं के चरणों में अर्पित कर अपने को धन्य मानता है. सम्पूर्ण जगत को ईश्वर ने बनाया है हम सभी प्राणी तो सेवक मात्र है. इससे पहले भगवान का अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास एवम् शैय्याधिवास के बाद संध्याकालीन महाआरती का आयोजन किया गया. इसमें क्षेत्र के सैकड़ों भक्तोंे ने भाग लिया. इस अवसर पर यज्ञ के आयोजक एवं मंदिर के निर्माणकर्ता ब्रजनंदन प्रसाद ने कहा कि धर्म के प्रति गहरी आस्था से ही मानव धर्म का कल्याण होगा. माता पिता की सेवा ही मनुष्यों का सबसे बड़ा पुण्य का काम है. मौके पर संजय कुमार निराला, पूर्व मुखिया कृष्णनंदन प्रसाद, मुखिया सुषमा देवी, पंसस राज कुमार शर्मा, बैद्यनाथ राय, विनय कुमार, रंजीत चौधरी, कमल कुमार, सर्वेंदू शरण, रामनरेश सिंह आदि थे.

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