समस्तीपुर : सेंट्रल बैंक में सोमवार को फर्जी एएसएम बनकर सात लाख की फर्जी निकासी करने पहुंचे युवक को बैंक अधिकारियों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया. इसको लेकर बैंक के मुख्य बैंक प्रबंधक ने प्राथमिकी दर्ज करायी है.
बताया जाता है कि बेगूसराय के गम्हरिया गांव निवासी दीपक कुमार अवधेश कुमार के नाम पर सात लाख रुपये की निकासी करने के लिए सोमवार को बैंक पहुंचा. उसने चलान भरकर काउंटर पर दिया.
कर्मियों ने खाता को चेक किया तो खाते में पैसा नहीं था. इससे बैंक कर्मियों को शक हुआ और उन्होंने उससे पूछताछ शुरू की. साथ ही इसकी सूचना मुख्य शाखा के वरीय प्रबंधक वाइके साहा को दी.
श्री साहा ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसका नाम दीपक कुमार है. शहर के रेलवे कॉलोनी के 174 नंबर क्वार्टर में रहता है. उसका वेतन डीआरएम ऑफिस के कार्यालय में आता है.
पैसे की निकासी समस्तीपुर कॉलेज, समस्तीपुर बैंक शाखा से ही वेतन के पैसे की निकासी करता है. इसके बाद वो बार-बार बयान बदलने लगा, तो इसकी सूचना बैंककर्मियों ने नगर थाने के अवर निरीक्षक खुर्शीद अंसारी को दी. श्री अंसारी ने आरोपित व बैंक कर्मी से पूछताछ की तो आरोपित का बयान बार-बार बदलने पर शक गहराने लगा. बैंक के वरीय प्रबंधक श्री साहा के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कही गयी.
हालांकि पूछताछ के बाद पता चला कि आरोपित रेल के किसी भी पद पर कार्यरत नहीं है. इसकी सूचना सोनपुर मंडल के सीनियर डीसीएम दिलीप कुमार से मांगी गयी, तो उन्होंने जानकारी दी कि मुजफ्फरपुर में दिलीप कुमार नाम का कोई भी कर्मी एएसएम पद पर कार्यरत नहीं है. न ही इसकी कोई जानकारी उनके पास है.
इधर, प्रबंधक ने बताया कि नितिन कुमार के नाम से खाता में निकासी कर रहा था. खाता का नंबर व नाम भी गलत है.यह भी जानकारी मिली कि आरोपित की पत्नी बैंक के बाहरी परिसर में कई रोज से चक्कर लगा रही थी. इतनी बड़ी रकम दूसरे के खाता से निकालने पर लोगों को जानकारी मिली, तो भीड़ जुटने लगी. देखते ही देखते शाखा में लोगों की संख्या बढ़ने लगी.
