सरायरंजन : प्रखंड शिक्षक नियोजन में बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल अभ्यर्थियों ने किया है. मामला सामने आने के बाद नियोजन इकाई बारीकी प्राप्त आवेदनों के साथ मिले प्रमाण पत्रों को खंगालने में जुटी है. इस क्रम में अब तक 386 अभ्यर्थियों की टीइटी पास की डिग्री फर्जी पायी गयी है.
जिसे नियोजन इकाई ने अस्वीकृत सूची में डालते हुए संबंधित अभ्यर्थियों को सूचना भेज दी है. इसके साथ ही इस मामले में वरीय पदाधिकारियों को भी लिखने की तैयारी की जा रही है. ताकि मार्ग दर्शन के आलोक में अग्रेतर कार्रवाई कीजा सके.
जानकारी के अनुसार प्रखंड शिक्षकों 75 रिक्त पद के लिए 594 अभ्यर्थियों ने अपनी दावेदारी पेश की थी. इसमें अप्रशिक्षित अभ्यर्थी भी शामिल हैं. नियोजन इकाई ने अभ्यर्थियों की ओर से आवेदन के साथ दिये गये प्रमाण पत्रों की जांच के क्रम में पाया कि कई अभ्यर्थियों का टीइटी पास होने वाला प्रमाण पत्र फर्जी है. इसके बाद नियोजन इकाई चौकन्ना हो गया.
नियोजन इकाई ने जिला मुख्यालय से उपलब्ध करायी गयी सीडी और विभागीय वेबसाइट से प्रमाण पत्रों को मिलाने का कार्य आरंभ किया गया. इस दौरान बारीकी से की गयी जांच में 386 अभ्यर्थियों द्वारा टीइटी पास का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया. सूत्र बताते हैं कि अभ्यर्थियों ने खुद को आवेदन का पात्र बताने के लिए उन अभ्यर्थियों के अंक पत्र का इस्तेमाल नाम बदल कर किया है जो वास्तव में टीइटी उत्तीर्ण हुए हैं.
बीडीओ अभिजीत चौधरी ने संपर्क करने पर बताया कि फर्जी पाये गये प्रमाण पत्रों के आलोक में अभ्यर्थियों को सूचना भेजी जा रही है. इसके साथ ही जिला के वरीय पदाधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गयी है. साथ ही उनसे मार्ग दर्शन मांगा जा रहा है. निर्देश मिलते ही अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी. इधर, नियोजन इकाई को प्रमाण पत्रों की जांच पड़ताल में पूरी सावधानी बरतने का निर्देश दिया है ताकि किसी भी हाल में फर्जी अभ्यर्थियों का नियोजन नहीं हो सके.
