Muzaffarpur News: भारतीय रेलवे अब तकनीक के ट्रैक पर सरपट दौड़ने के लिए तैयार है. यात्रियों के सफर को सुगम, सरल और हाई-टेक बनाने के लिए रेल मंत्रालय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित विशेष सहायक उपकरण ‘भोलू मिनी’ और ‘भोलू मैक्स’ को लॉन्च किया है. दक्षिण भारत के तेलंगाना में सफल परीक्षण के बाद, अब उत्तर भारत के प्रमुख स्टेशनों पर इनका विस्तार किया जा रहा है.
क्या हैं ‘भोलू मिनी’ और ‘भोलू मैक्स’?
ये उपकरण रेलवे के लोकप्रिय शुभंकर (मैस्कॉट) ‘भोलू हाथी’ के नाम पर तैयार किए गए हैं. ये एक डिजिटल गाइड की तरह काम करते हैं.
भोलू मिनी: यह एक छोटा और कॉम्पैक्ट डिवाइस है, जो टचस्क्रीन और वॉयस कमांड के जरिए बुनियादी जानकारियां उपलब्ध कराता है.
भोलू मैक्स: यह इस तकनीक का उन्नत संस्करण है. इसमें बड़ा डिस्प्ले और इंटरैक्टिव फीचर्स दिए गए हैं, जो स्टेशन परिसर में नेविगेशन (रास्ता खोजने) में भी मदद करते हैं.
बहुभाषी संवाद और रियल-टाइम अपडेट
इन एआइ सहायकों की सबसे बड़ी खूबी इनका बहुभाषी होना है. ये हिंदी, अंग्रेजी समेत विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद कर सकते हैं. यात्री इनसे बोलकर या स्क्रीन टच कर अपनी ट्रेन का करंट स्टेटस, प्लेटफॉर्म नंबर, पीएनआर (PNR) स्थिति और स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं की सटीक जानकारी ले सकेंगे. इससे पूछताछ काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी.
मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर को जल्द मिलेगी सौगात
पूर्व मध्य रेल (ECR) के अनुसार, बिहार के मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर रेल मंडल के व्यस्त स्टेशनों पर जल्द ही इन एआइ सहायकों को स्थापित किया जाएगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के त्वरित और सटीक जानकारी देना है. रेल मंत्रालय का यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान को रेलवे स्टेशन के धरातल पर उतारने जैसा है.
मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट
