विभूतिपुर. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा वाद संख्या 297/2007 के आलोक में राज्य के सभी जिलों में प्रारंभिक विद्यालयों में 34540 शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्देश निर्गत किया गया था, जिस आधार पर नियुक्ति किया गया था. विदित हो कि उच्चत्तर माध्यमिक शिक्षा परिषद नयी दिल्ली की मान्यता सक्ष्म अधिकार से प्राप्त नहीं है. इसलिए विभागीय निर्णय के अनुसार उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद नयी दिल्ली के द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र के आधार पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति राज्य के विद्यालयों में शिक्षक के पद पर नहीं की जा सकती है. सरकार के शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव केके राय के पत्रांक 7 के आधार पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एनके सिंह ने सचिव प्रखंड नियोजन इकाई एवं सचिव सभी पंचायत नियोजन इकाई को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया है. पत्र में कहा है कि वर्णित संस्था के द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र पर नियोजित शिक्षक व शिक्षिकाओं का नियोजन रद्द करके सम्बंध में एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई कर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को सूचित करने की भी बात कही है. विदित हो कि नियोजित शिक्षकों में भी संबंधित संस्था के प्रमाण पत्र के आधारवाले शिक्षकों का नियोजन रद्द किया जायेगा. नियोजन अभी होने से पहले ही उक्त प्रमाण पत्रधारी अभ्यर्थी का नियोजन नहीं होगी.
बीइओ ने नियोजन इकाई को भेजा पत्र
विभूतिपुर. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा वाद संख्या 297/2007 के आलोक में राज्य के सभी जिलों में प्रारंभिक विद्यालयों में 34540 शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्देश निर्गत किया गया था, जिस आधार पर नियुक्ति किया गया था. विदित हो कि उच्चत्तर माध्यमिक शिक्षा परिषद नयी दिल्ली की मान्यता सक्ष्म अधिकार से प्राप्त नहीं है. […]
