फोटो संख्या : 3पांच दिवसीय हाइटेक हार्टीकल्चर प्रशिक्षण सम्पन्नबंजर भूमि में करें पपीता की खेती प्रतिनिधि, पूसाराजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र में रविवार को पांच दिवसीय हाइटेक हार्टीकल्चर प्रशिक्षण का समापन किया गया. इसकी अध्यक्षता करते हुए प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ जेपी उपाध्याय ने कहा कि किसानों को प्रशिक्षण आंतरिक ज्ञान को जागृत करती है. नवीनतम ज्ञान के साथ साथ उन्नत प्रभेदों के बारे में विस्तार से समझाने का मौका मिलता है. किसानहित में मूलभूत सुविधा के लिए प्रशिक्षण जरूरी है. प्रशिक्षणार्थी में विशेष रूप से छात्रों की सहभागिता हरितक्र ांति में संचार लाने जैसा प्रतीत होता है. बंजर भूमि का उपयोग पपिता की खेती कर किया जा सकता है. उन्नत प्रभेद का बीज हमारे कृषि विज्ञान केंद्र बेगूसराय से प्राप्त कर सकते हैं. प्रशिक्षण के संयोजिका प्रसार शिक्षा उपनिदेशका (प्रशिक्षण) डॉ अरुणिमा कुमारी ने संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन क रते हुए अनुपयोगी भूमि में किसान औषधीय खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं. जिले से 30 प्रतिभागियों में अधिकाधिक छात्रों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया. मौके पर आत्मा के डॉ केके प्रसाद के साथ अन्य वैज्ञानिक मौजूद थे.
आंतरिक ज्ञान को जागृत करता है प्रशिक्षण : डॉ उपाध्याय
फोटो संख्या : 3पांच दिवसीय हाइटेक हार्टीकल्चर प्रशिक्षण सम्पन्नबंजर भूमि में करें पपीता की खेती प्रतिनिधि, पूसाराजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र में रविवार को पांच दिवसीय हाइटेक हार्टीकल्चर प्रशिक्षण का समापन किया गया. इसकी अध्यक्षता करते हुए प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ जेपी उपाध्याय ने कहा कि किसानों को प्रशिक्षण आंतरिक ज्ञान को जागृत करती […]
