मोहिउद्दीनगर. बुधवार की रात अजीम ए शान के साथ जामा मसजिद के बगल में सरकारी इमामबाड़ा के पास इसलाहे मुआशरा कांफ्रेंस मुनकीद की गयी़ इसमें बहुत सारे उलेमा ए एकराम तशरीफ लाये. इनमें मुजफ्फरपुर के हजरत मौलाना मोतीउर्र रहमान चतुर्वेदी, मौलाना अमानुल्लाह साहब, मौलाना रशीर्दुर रहमान शामिल थे. मौके पर मौजूद शामीन को बताया गया कि हम सब भाई-भाई हैं, हम न हिंदू हैं, न मुसलमान हैं, न हम सिक्ख हैं, न ईसाई हैं़ पहले इंसानियत में हम सभी भाई-भाई हैं़ हम सब एक ही मां और बाप के औलाद हैं़ आज के तारीख में कुछ जुनूनी लोग नफरत की दीवार खड़ी करके हमें आपस में लड़ाना चाहते हैं. इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का मजहब नहीं बल्कि इंसानियत का मजहब है़ इस प्रोग्राम को कामयाब बनाने में हाजी रिजवान अहमद खान, साबान अहमद खान, फैयाज अहमद, मोहम्मद सोनू, मोहम्मद रसीद, मोहम्मद परवेज अहमद, हाफिज कौनेन अहमद खान, नैयर एकबाल, मो. बस्सिर खान, मोतिहिर खान, शिक्षक ओमैर अहमद काफी मशक्कत करते नजर आये.
इसलाहे मुआशरा कांफ्रेंस मुनकीद हुई
मोहिउद्दीनगर. बुधवार की रात अजीम ए शान के साथ जामा मसजिद के बगल में सरकारी इमामबाड़ा के पास इसलाहे मुआशरा कांफ्रेंस मुनकीद की गयी़ इसमें बहुत सारे उलेमा ए एकराम तशरीफ लाये. इनमें मुजफ्फरपुर के हजरत मौलाना मोतीउर्र रहमान चतुर्वेदी, मौलाना अमानुल्लाह साहब, मौलाना रशीर्दुर रहमान शामिल थे. मौके पर मौजूद शामीन को बताया गया […]
