फोटो संख्या : 10रोसड़ा. स्थानीय अमृत वनौषधि एवं पंचगव्य अनुसंधान केंद्र के तत्वावधान में वनौषधि प्रसार शाखा आरोग्य भारती उत्तर बिहार की ओर से सोमवार को शहर के वार्ड नंबर तीन स्थित शुभमूर्ति के बागीचा का आयोजन हुआ. अध्यक्षता आयुर्वेदिक चिकित्सा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार मिश्रा ने की. दो सत्रों में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि गोपाल के प्रगतिशील औषधि कृषक डॉ पीसी पाठक ने औषधिय पौधों का आरोग्य में उपयोग एवं मिथिलांचल की धरती के लिए उपयोगी औषधीय पौधों के उत्पादन की खेती के लिए किसानों को जानकारी दी. साथ ही उन्होंने खस की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया. उन्होंने बताया कि खस बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 15 से 18 माह तक पानी के अंदर रह सकता है. अमृत वाटिका के सुधीर प्रसाद ने औषधीय पौधा कालमेध, सतावर, सर्पगंधा, एलोवेरा व पिप्पली के पौधों क ी पैदावार उसके रख-रखाव की जानकारी दी. मौके पर डॉ धनेश्वर महतो, विमलेश चौधरी, उमेश राय, संजय सिंह, महेश मिश्रा, रंजीत कुमार आदि मौजूद थे.
शुभमूर्त्ति के बागीचा का हुआ आयोजन
फोटो संख्या : 10रोसड़ा. स्थानीय अमृत वनौषधि एवं पंचगव्य अनुसंधान केंद्र के तत्वावधान में वनौषधि प्रसार शाखा आरोग्य भारती उत्तर बिहार की ओर से सोमवार को शहर के वार्ड नंबर तीन स्थित शुभमूर्ति के बागीचा का आयोजन हुआ. अध्यक्षता आयुर्वेदिक चिकित्सा संघ के जिलाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार मिश्रा ने की. दो सत्रों में आयोजित गोष्ठी […]
