फोटो संख्या : 14पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के परिसर में लगे तीन दिवसीय किसानों का महाकुंभ मेला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति डॉ आरके मित्तल ने करते हुए किसानों से कृषि के क्षेत्र में अपार संभावनाएं बताया. इससे पूर्व मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय एवं विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के कृषि पत्रिका एवं स्मारिका का विमोचन किया. आगत अतिथियों को शॉल व बूके देकर स्वागत किया. केंद्रीय विद्यालय के बच्चों से राष्ट्रगान व स्वागत गान पेश किया. इन्होंने कहा कि आरएयू को विश्व के अनुसंधान के क्षेत्र में अगली पंक्ति में खड़ा करने की जिम्मेवारी हमारे वैज्ञानिकों एवं किसानों की है. किसानों के जेब भरने की दिशा में पहल किया जा रहा है. केंद्रीय विश्वविद्यालय के दर्जा मामले को लेकर एपीसी के कार्यो की सराहना किया. हम एक नये योजना की शुरूआत कर रहें हैं. इसमें फार्मर प्रोफेसर का चयन किया जायेगा. जो कि सान कुशल है उनके तकनीक से वैज्ञानिकों को परिपूर्ण करने की योजना है. चूंकि किसान न जर से देखकर ही भूमि एवं फसलों का उचित अवलोकन कर लेते हैं. उनके पास न तो लैब है न ही कोई तकनीक यंत्र. कार्यक्रम का संचालन तेलहन वैज्ञानिक डॉ अनिल पांडेय ने किया. धन्यवाद ज्ञापन प्रसार शिक्षा उप निदेशक सह मेला प्रभारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने किया. इससे पूर्व कुलपति डॉ गोपालजी त्रिवेदी अपने संबोधन में कहा कि उन्नत तकनीक उन्नत बीज पर आधारित किसान कभी भी असफल नहीं बिहार को बढ़ाने में हमारे कृषि उत्पादन आयुक्त का अहम भूमिका है. स्वागत भाषण प्रसाद शिक्षा निदेशक डॉ जेपी उपाध्याय ने दिया. प्रबंध बोर्ड के सदस्य मिथिलेश प्रसाद सिंह ने कार्यशाला को संबोधित किया. किसान मेला में दो सौ से अधिक विभिन्न कंपनी के यंत्रों का स्टॉल लगाया गया था. मौके पर विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, वैज्ञानिक व कर्मचारी मौजूद थे.
कृषि के क्षेत्र में अपार संभावनाएं : कुलपति
फोटो संख्या : 14पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के परिसर में लगे तीन दिवसीय किसानों का महाकुंभ मेला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति डॉ आरके मित्तल ने करते हुए किसानों से कृषि के क्षेत्र में अपार संभावनाएं बताया. इससे पूर्व मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय एवं विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के कृषि पत्रिका एवं स्मारिका का विमोचन […]
