समस्तीपुर : पर्यावरण रक्षा के लिए पौधारोपण को बढ़ावा देने के साथ ही नहर व नदी तटबंधों पर पौधे लगाने के लिये जल संसाधन विभाग ने शर्त तय की है़ अब जहां मन वहां पौधे नहीं लगाये जासकते हैं.
पर्यावरण एवं वन विभाग के साथ आमलोग भी इसका अनुपालन करेंग़े जल संसाधन विभाग के गाइड लाइन जारी कर कहा है कि नहर एवं नदी तटबंधों के ऊपर व भीतरी स्लोप पर किसी भी स्थिति में पौधारोपण नहीं किया जायेगा़ नहर के बाहर स्लोप का निचला भाग जहां समतल जमीन से मिलता है वहां तीन फीट से चार फीट की दूरी छोड़कर चाट लैंड पर पौधारोपण किया सकता है. आवागमन की सुविधा के लिये 50 मीटर के बीच 10 फीट का गैप रखने की भी हिदायत दी गयी है़
नदी तटबंध के चार्ट लैंड एवं नहर तटबंध के बाहरी स्लोप पर ऊपर के 50 प्रतिशत भू भाग को छोड़कर निचले भू भाग में मात्र एक रो में कम परिपक्वता अवधि वाले पौधे लगाये जायें जिसके लिए शीशम, गम्हार, सागवान, सेमल, करेज, औवल, सहजा, बांस, बबूल, बैर, भू के लिप्टस तय किया गया है़ पेड़ के कारण नदी तटबंध एवं नहर के पुनस्र्थापन अनुरक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न होने पर वन एवं पर्यावरण विभाग को सूचना देकर पेड़ को काटकर हटाया जा सकता है़
अधिक जड़ फैलाव वाले पेड़ को नहीं लगाने का भी शर्त लगाया है़ जल संसाधन विभाग ने पौधारोपण के तय शर्तो के अनुपालन की जिम्मेवारी वन एवं पर्यावरण विभाग को दी है़ इसके साथ ही जल संसाधन विभाग के क्षेत्रीय पदाधिकारी भी देखरेख व अनुश्रवण का भार दिया गया है.
