शराब दुकानों की बंदोबस्ती में पारदर्शिता को ले व्यवसायी आशंकित

व्यवसायियों ने जतायी गड़बड़ी की आशंकासमस्तीपुर. जिले में शराब दुकानों की बन्दोबस्ती के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरांत उत्पाद विभाग ने समीक्षा के उपरांत लॉटरी पद्धति को सफल बनाने में जुटी है. आगामी 14 मार्च को समाहरणालय में लॉटरी के द्वारा दुकानों की बंदोबस्ती की जायेगी. इधर, इस व्यवसाय से जुड़े […]

व्यवसायियों ने जतायी गड़बड़ी की आशंकासमस्तीपुर. जिले में शराब दुकानों की बन्दोबस्ती के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया सम्पन्न होने के उपरांत उत्पाद विभाग ने समीक्षा के उपरांत लॉटरी पद्धति को सफल बनाने में जुटी है. आगामी 14 मार्च को समाहरणालय में लॉटरी के द्वारा दुकानों की बंदोबस्ती की जायेगी. इधर, इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की मानें तो इस बार बन्दोबस्ती के दौरान कुछ शराब व्यवसायियों की मिलीभगत से गड़बड़ी की पूरी संभावना है. शराब व्यवसायियों का कहना है कि चंद व्यवसायियों को फायदा पहुंचाने के लिए लॉटरी में इस बार गोटी की जगह कागज का इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है. इससे बंदोबस्ती पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गये हैं. इससे इतर उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार सिन्हा ने इन सभी आशंकाओं को एक सिरे से खारिज करते हुए बताया कि ऐसी कोई बात नहीं है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 83 समूहों में से 81 के लिए आवेदन प्राप्त हुआ है. 207 शराब दुकानों के लिए बन्दोबस्ती 14 मार्च को समाहरणालय के सभागार में आयोजित होगी. उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि देशी शराब के लिए 38, विदेशी के लिए 48 व कम्पोजिट के लिए 121 की बन्दोबस्ती की जायेगी. उन्होंने बताया कि विगत वित्तीय वर्ष की अपेक्षा इस वित्तीय वर्ष में आवेदन के माध्यम से 28 फीसदी अधिक आवेदन शुल्क प्राप्त हुआ है. साथ ही आवेदनों की संख्या में 36 फीसदी इजाफा भी दर्ज किया गया है. बताते चलें कि वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए 3484 आवेदन से 2 करोड़ 8 लाख 17 हजार राजस्व शुल्क प्राप्त हुआ था. वहीं इस वित्तीय वर्ष के लिए 4739 आवेदन से 2 करोड़ 79 लाख 22 हजार राजस्व प्राप्त हुआ है. श्री सिन्हा ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र के लिए आवेदन शुल्क 4 हजार, नगर पंचायत व प्रखंड मुख्यालय के लिए 3 हजार व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 2 हजार रुपये ली गयी है.

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