दलसिंहसराय,. शहर में बिना लाइसेंस के ही नहीं बिना जांच के ही बेचे जा रहे हैं मांस. ऐसी अवैध दुकानें प्रशासन के आंख के सामने चलाया जा रहा है. मीट के लिए काटे जाने वाले पशुओं की डॉक्टरी जंाच तक नहीं करायी जाती है. जानकार सूत्रों के अनुसार बूचड़खाना चलाने के लिए लाइसेंस की आवश्कता होती है लेकिन यहां सारे नियम कानून ताक पर रखकर जहां मनचाहा वहीं गली, मोहल्ले व चौक चौराहों पर ही मीट की दुकानें सजी रहती है. पशू क्रूरता अधिनियम 2011 के अनुसार पशु चिकित्सक के जांच के बिना किसी भी जानवर का वध किया जाना नियम के विरुद्ध है लेकिन व्यापारी जानवर को काटने से पहले ना तो स्वास्थ्य परीक्षण कराना चाहते हंै और ना ही विभागीय अधिकारी द्वारा जांच ही की जाती है. इस संबंध में संपर्क करने पर एसडीओ वरुण कुमार मिश्रा कहते हैं कि पूर्व में कई बार स्वास्थ्य विभाग व नगर पंचायत को निर्देश दिये गये हैं.
लाइसेंस न जांच-खुल्मखुल्ला बिक रहे मांस
दलसिंहसराय,. शहर में बिना लाइसेंस के ही नहीं बिना जांच के ही बेचे जा रहे हैं मांस. ऐसी अवैध दुकानें प्रशासन के आंख के सामने चलाया जा रहा है. मीट के लिए काटे जाने वाले पशुओं की डॉक्टरी जंाच तक नहीं करायी जाती है. जानकार सूत्रों के अनुसार बूचड़खाना चलाने के लिए लाइसेंस की आवश्कता […]
