समस्तीपुर. समस्तीपुर कॉलेज के नवनिर्मिम ऑडिटोरियम में सेमिनार के चौथे दिन अर्थ शास्त्र विभाग के द्वारा इकोलॉजी, सामाजिक वानिकी और विकास विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित हुई. आरएयू पूसा के वैज्ञानिक डॉ आरके झा ने कहा कि पौध रोपण के महत्व को युवा पीढ़ी नजर अंदाज न करंे. पौध रोपण हमारी संस्कृति में समाहित होनी चाहिए. उन्होंने वातावरण और आर्थिक विकास के लिए अपने कार्य संस्कृति को बदलने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि बिहार में अभी भी वन क्षेत्र काफी कम है. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ मीना प्रसाद ने कहा कि पर्यावरण स्वच्छता का परिचायक है. वहीं दूसरे सत्र में वातावरण में गिरावट के संदर्भ में सौर ऊर्जा विषय पर बोलते हुए बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के भौतिक विभाग के प्रोफेसर डॉ संगीता सिन्हा ने कहा कि ग्रीन हाउस गैस वातावरण के तापमान को बनाये रखने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं. मौके पर प्रो. क्रांति कुमार, डॉ एम अंसारी, डॉ आरएन मंडल, डॉ एसएन राय, डॉ एके सिंह, प्रो. एसएन तिवारी आदि मौजूद थे. अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ प्रभात कुमार ने बताया कि शुक्रवार को क्रिएटिव राइटिंग नेचर एंड स्कोप पर हिंदी व अंग्रेजी के छात्र व शिक्षक विचार विमर्श करते हुए अपनी बात को रखेंगे. साथ ही दूसरे सत्र में सेमिनार का समापन सत्र ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित की जायेगी.
पौधारोपण हमारी संस्कृति में हो समाहित : डॉ झा
समस्तीपुर. समस्तीपुर कॉलेज के नवनिर्मिम ऑडिटोरियम में सेमिनार के चौथे दिन अर्थ शास्त्र विभाग के द्वारा इकोलॉजी, सामाजिक वानिकी और विकास विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित हुई. आरएयू पूसा के वैज्ञानिक डॉ आरके झा ने कहा कि पौध रोपण के महत्व को युवा पीढ़ी नजर अंदाज न करंे. पौध रोपण हमारी संस्कृति में समाहित होनी चाहिए. […]
