शिवाजीनगर. प्रखंड क्षेत्र में राजकीय नलकूप सरकार द्वारा दी गयी. लेकिन सभी नलकूपों की स्तिथि ऐसी है कि वह मात्र सोभा की वस्तु बनी हुई है. वषार्ें से किसान खेतो में अपने अथवा भाड़े के निजी नलकूप से पटवन कर खेती करते आ रहे हैं. किसानों की समस्या को लेकर पंचायत के मुखिया कई बार प्रखंड बैठक में भी मामले को भी उठाया. लेकिन किसानांे की समस्या को देखने कोई भी अधिकारी अब तक प्रखंड के किसी भी नलकूप को देखने नहीं पहुंचे हैं. नलकूपों की स्थिति ऐसी है कहीं बिजली नहीं तो कहीं मोटर गड़बड़ तो कहीं भवन जर्जर सभी नलकूपों पर जर्जर हालत. ऐसे में किसानों को समस्या से गुजरना तो पड़ता ही है. लेकिन हर वर्ष लाखों रु पये का राजस्व घाटा भी हो रहा है. सैकड़ों किसानों का कहना है कि खेतों में रवि फसल लगा कर अभी पटवन को लेकर दर दर भटक रहे हैं. आर्थिक तंगी के कारण प्रखंड के किसान पटवन का समय होने पर भी पटवन नहीं कर पाते हंै ऐसे में किसान फसल अच्छी पैदा बार नहीं कर पाते हैं. लागत भी निकल जाय तो भगवान भरोसे. वही राजकीय नलकूप के स्थिति के बारे में बीएओ गुरु चरण चौधरी ने बताया कि सभी समस्या के बारे में जिला में कई बार अवगत कराया गया. लेकिन विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. जिला से मार्गदर्शन मिलते ही समस्या का निदान किया जायेगा.
निजी नलकूप पर टिकी रबी फसलों की हरियाली
शिवाजीनगर. प्रखंड क्षेत्र में राजकीय नलकूप सरकार द्वारा दी गयी. लेकिन सभी नलकूपों की स्तिथि ऐसी है कि वह मात्र सोभा की वस्तु बनी हुई है. वषार्ें से किसान खेतो में अपने अथवा भाड़े के निजी नलकूप से पटवन कर खेती करते आ रहे हैं. किसानों की समस्या को लेकर पंचायत के मुखिया कई बार […]
