इमरजेंसी में किया हंगामा

समस्तीपुर : शहर के नीम गली चौक स्थित मकान का दीवार ढहने से उसकी चपेट में आयी मो. आलम की पत्नी शहजादी खातून (70) व इसकी पुत्र वधू गुलशन वानो (45) को गंभीर अवस्था में रविवार की देर रात सदर अस्पताल में दाखिल कराया गया. चिकित्सकों ने आरंभिक उपचार के बाद गुलशन वानो को छुट्टी […]

समस्तीपुर : शहर के नीम गली चौक स्थित मकान का दीवार ढहने से उसकी चपेट में आयी मो. आलम की पत्नी शहजादी खातून (70) व इसकी पुत्र वधू गुलशन वानो (45) को गंभीर अवस्था में रविवार की देर रात सदर अस्पताल में दाखिल कराया गया. चिकित्सकों ने आरंभिक उपचार के बाद गुलशन वानो को छुट्टी दे दी. वहीं उसकी सास को हेड इंज्यूरी करार देते हुए पीएमसीएच के लिए रेफर कर दिया. परंतु परिजन रात भर उसे अस्पताल में ही रोके रखा.
सोमवार की सुबह गुलशन के मायके और ससुराल पक्ष से लोग उसका हाल जानने सदर अस्पताल पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि बूढ़ी शहजादी को तो रेफर कर दिया गया है. वहीं गुलशन को दवा देकर छुट्टी भी दे दी गयी है. इसी बात से लोग नाराज हो गये और अस्पताल के इमजरेंसी वार्ड में जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया. लोगों का कहना था कि अस्पताल प्रशासन की ओर से न तो मरीजों को पानी चढ़ाया गया और न ही उसका सिटी स्कैन ही कराया गया. यहां किस चीज का इलाज होता है.
माजरा बढ़ता देखकर हरकत में आयी अस्पताल प्रशासन ने लोगों को व्यवस्था का हवाला देते हुए शांत कराने की कोशिश की. लेकिन लोग आरोपों की बौछार से बाज नहीं आ रहे थे. करीब घंटे भर चले हो हंगामे के बाद डीएस डॉ श्याम मोहन दास ने लोगों को समझा कर बीमारों को पटना ले जाने के लिए राजी किया. इसके बाद अस्पताल की ओर से एंबुलेंस उपलब्ध कराते हुए मरीज को विदा कर राहत की सांस ली. इधर, इमरजेंसी वार्ड में एक नवजात के मौत होने पर उनके परिजनों ने खूब हंगामा किया.

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